दीवाने हैं दीवानों को – Deewane Hain Deewanon Ko, Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Zanjeer
1973 में रिलीज़ हुई फिल्म “ज़ंजीर” हिंदी सिनेमा की एक महत्वपूर्ण फिल्म है जिसने कई मील के पत्थर हासिल किए। इसी फिल्म का एक प्रमुख और सदाबहार गीत “दीवाने हैं दीवानों को” आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। इस लेख में हम इस गीत के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
दीवाने हैं दीवानों को न घर चाहिए
दीवाने हैं दीवानों को – Deewane Hain Deewanon Ko, Song Details…
- Movie/Album: ज़ंजीर
- Year : 1973
- Music By: कल्याणजी-आनंदजी
- Lyrics By: गुलशन बावरा
- Singer : मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
दीवाने हैं दीवानों को – Deewane Hain Deewanon Ko Lyrics in Hindi
आप के दिल में जो थोड़ी-सी जगह मिल जाए
अपने अरमानों की बेताब कली खिल जाए
दीवाने हैं, दीवानों को न घर चाहिए, न दर चाहिए
मुहब्बत भरी इक नज़र चाहिए, नज़र चाहिए
जवानी में जवानी के सहारे हो जवाँ, मेरे मेहरबाँ
मुझे तू ही तू हमसफ़र चाहिए, हमसफ़र चाहिए
दीवाने हैं, दीवानों को…
है सर पे हमारे खुला आसमाँ, खुला आसमाँ
हमारे लिए है यही आशियाँ, यही आशियाँ
बिना प्यार के ज़िन्दगी कुछ नहीं
जहाँ प्यार है, हर ख़ुशी है वहीं
हो फूलों भरी चाहे, चाहे काँटों भरी
चले जिस पे तू, वो डगर चाहिए, डगर चाहिए
दीवाने हैं, दीवानों को…
निगाहों में ऐसे इशारे हुए, इशारे हुए
के दिल ने कहा, हम तुम्हारे हुए, तुम्हारे हुए
नज़र बन गई है ज़ुबाँ प्यार में
मज़ा आ गया जीत का हार में
मिलेगा वही माँगोगे जो दिलदार से, मगर प्यार से
दुआओं में अपनी असर चाहिए
दीवाने हैं, दीवानों को…

