जियरा के जरी रहS

गायकों की मनमोहक आवाज़: नीलकमल सिंह और शिल्पी राज
‘जियरा के जरी रहS’ गीत में नीलकमल सिंह और शिल्पी राज की आवाज़ों का संयोग भोजपुरी संगीत को एक नया आयाम प्रदान करता है। नीलकमल सिंह की गायकी में जो दमदार और भावपूर्ण स्वर है, वही शिल्पी राज की आवाज़ में मधुरता और मिठास है। दोनों गायकों ने मिलकर इस गीत को एक ऐसा प्रेमपूर्ण और उत्साही स्वरूप दिया है, जो श्रोताओं के दिल को छू जाता है। नीलकमल सिंह की आवाज़ में गहरी भावनाएँ और शिल्पी राज की आवाज़ में एक खनक है, जो गीत को एक अलग ही स्तर पर ले जाती है।

संगीत: विकास यादव की ताजगी भरी धुन

इस गीत के संगीतकार विकास यादव ने ‘जियरा के जरी रहS’ के संगीत में एक ताजगी और ऊर्जा का संचार किया है। संगीत में पारंपरिक भोजपुरी धुनों का संगम और आधुनिक वाद्ययंत्रों का उपयोग गीत को एक नया और ताजगी भरा अनुभव प्रदान करता है। विकास यादव ने ढोलक, हारमोनियम, और अन्य वाद्ययंत्रों का अद्वितीय संयोजन किया है, जो गीत की ताजगी और ऊर्जा को बढ़ाता है। इस संगीत ने गीत को एक उत्सव और रंगीनता का अनुभव दिया है, जो श्रोताओं को नाचने और गाने पर मजबूर कर देती है।

बोल: आशुतोष तिवारी की रंगीन लेखनी

‘जियरा के जरी रहS’ के बोल आशुतोष तिवारी ने लिखे हैं, जो प्रेम और उत्साह से भरे हुए हैं। इन बोलों में भोजपुरी संस्कृति की जीवंतता और प्रेम की मिठास को सुंदर तरीके से पेश किया गया है। आशुतोष तिवारी ने अपने शब्दों के माध्यम से एक रोमांटिक और उत्साही वातावरण को चित्रित किया है, जो गीत को एक मजेदार अनुभव बनाता है। गीत के बोल दिल की गहराइयों से निकलते हुए प्रतीत होते हैं और श्रोताओं को भोजपुरी संगीत की दुनिया में ले जाते हैं।

निष्कर्ष: भोजपुरी संगीत की जीवंतता और उत्साह

‘जियरा के जरी रहS’ एक ऐसा गीत है जो भोजपुरी संगीत की रंगीनता और प्रेम की मिठास को संगीतमय रूप में प्रस्तुत करता है। नीलकमल सिंह और शिल्पी राज की आवाज़ों, विकास यादव के ताजगी भरे संगीत, और आशुतोष तिवारी के रंगीन बोलों ने इस गीत को एक अनोखा अनुभव बना दिया है। यह गीत हर श्रोता को भोजपुरी संगीत के आनंद और प्रेम की रंगीन दुनिया में ले जाता है, और उसे एक जीवंत और उत्साही अनुभव प्रदान करता है।

 

 जियरा के जरी रह
जियरा के जरी रह
  • Song – जियरा के जरी रहS/ Jiyra Ke Jari Raha
  • Singer – Neelkamal Singh, Shilpi Raj
  • Actress – Shrishti Uttarakhandi
  • Lyrics – Ashutosh Tiwari
  • Music – Vikash Yadav

तोहरे में बसेला परनवा हो (हाँ)

तुहीं बाड़ऽ मोर धड़कनवा हो (ओ)
तोहरे के देखिले सपनवा में (अच्छा)
तोहके बनइती सजनवा हो, (ए-हो) का हो?

हरियर-हरियरी रहऽ हो (अच्छा)
हरियर-हरियरी रहऽ हो

अरे, तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँख के पुतरिया (हँ)
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो (अच्छा जी)
तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँखें के पुतरिया
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो

ए-हो
ए-हो

अरे, तू ही सब धन बाड़ू
पहिला पसंद बाड़ू हमके, अरे, हमके (हनुँ)
ए-हो, मारेला current
तहार देहिया ई scent लेखा गमके, अरे, गमके

ई मोहब्बत के, हमरा कहानी के
तुहीं राजा बाड़ऽ एह रानी के (साचो?), हँ-हो

परिवार लेखा परी रहऽ हो (हँ)
परिवार लेखा परी रहऽ हो

तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँख के पुतरिया
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो
तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँख के पुतरिया
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो

अरे, हमार जान
हई दुनिया-जहान सब तहरे, बाटे तहरे (अच्छा)
कि, ए-हो सरकार
हई दिलवा में प्यार बड़ी गहरे, बाटे गहरे

Neelkamal, तहार smile हो
बा करेजा के भीतर समाइल हो (ओ-हो), साचो में

फूल नीयन फूल-झरी रहऽ हो
फूल नीयन फूल-झरी रहऽ हो

तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँख के पुतरिया
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो
तुहीं त, हो, बाड़ू हमरा आँख के पुतरिया
जानू, मोरा जियरा के जरी रहऽ हो

हँ-हो

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