दिल तो बच्चा है जी – Dil To Bachcha Hai Ji – Rahat Fateh Ali Khan
गीत का परिचय
“दिल तो बच्चा है जी” एक ऐसा गीत है जो भावनाओं के संजीव चित्रण और संगीत के मधुर तालमेल से श्रोताओं के दिल को छू जाता है। विशाल भारद्वाज की मधुर धुनों और गुलज़ार के गहरे, मर्मस्पर्शी शब्दों के साथ राहत फ़तेह अली खान की आवाज़ का जादू इस गीत को विशेष बनाता है।
गीत के बोलों का अर्थ और भावार्थ
गुलज़ार की कलम से निकले हुए शब्द इस गीत को जीवन का एक सरल, लेकिन गहरा सार्थक संदेश देते हैं। “दिल तो बच्चा है जी” एक वयस्क की उन भावनाओं को व्यक्त करता है जो उम्र के साथ जटिल हो गई हैं लेकिन दिल अब भी मासूम बना हुआ है।
संगीत का विश्लेषण
विशाल भारद्वाज का संगीत इस गीत को अद्वितीय बनाता है। उन्होंने गिटार और पियानो का ऐसा संयोजन किया है जो गीत की मासूमियत और गहराई को और भी प्रभावी बनाता है। गीत के प्रत्येक संगीत खंड में सादगी और संतुलन देखने को मिलता है, जो गीत की भावनात्मकता को बढ़ाता है।
राहत फ़तेह अली खान की आवाज़ की मुलायमियत और उनकी गहरी गायकी ने इस गीत को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचाया है। उनकी आवाज़ गीत की मासूमियत और उसमें छिपी उलझनों को बखूबी उभारती है।
गुलज़ार के शब्दों की खासियत
गुलज़ार की लेखनी सदैव गहरे अर्थ और भावना से भरपूर रही है, और “दिल तो बच्चा है जी” इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने शब्दों के माध्यम से दिल की मासूमियत को जीवंत कर दिया है। उनके शब्द सरल होते हुए भी गहरी अर्थवत्ता रखते हैं, जो श्रोता को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
गीत का सांस्कृतिक प्रभाव
यह गीत न केवल सुनने में सुकून देता है, बल्कि दिल की भावनाओं और उलझनों को भी बखूबी समझाता है। इसका प्रभाव श्रोताओं पर गहरा पड़ता है और वे इस गीत को अपनी निजी जिंदगी से जोड़कर देखते हैं। “दिल तो बच्चा है जी” का एक अनूठा संदेश है – कि उम्र चाहे कितनी भी बढ़ जाए, दिल की मासूमियत कभी खत्म नहीं होती।
निष्कर्ष
“दिल तो बच्चा है जी” एक ऐसा गीत है जो श्रोता को अंदर तक छू जाता है। राहत फ़तेह अली खान की आवाज़, विशाल भारद्वाज का संगीत और गुलज़ार के शब्दों का अनूठा संगम इस गीत को कालजयी बनाता है। इस गीत का हर पहलू – चाहे वह संगीत हो, गायकी हो या शब्द – श्रोता के दिल में गहरा असर डालता है।
दिल तो बच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी – Dil To Bachcha Hai Ji Song Credits…
- Movie/Album: इश्किया
- Year : 2010
- Music : विशाल भारद्वाज
- Lyrics : गुलज़ार
- Performed : राहत फ़तेह अली खान
दिल तो बच्चा है जी – Dil To Bachcha Hai Ji Lyrics In Hindi
ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं
दाँत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब की बरस के सुफैद हो गयी
कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
वल्ला ये धड़कन बढ़ने लगी है
चेहरे की रंगत उड़ने लगी है
डर लगता है तन्हां सोने में जी
दिल तो बच्चा है जी
थोड़ा कच्चा है जी
किसको पता था पहलू में रखा
दिल ऐसा पाजी भी होगा
हम तो हमेशा समझते थे कोई
हम जैसा हाजी ही होगा
हाय जोर करे, कितना शोर करे
बेवजह बातों पे ऐंवे गौर करे
दिल सा कोई कमीना नहीं
कोई तो रोके, कोई तो टोके
इस उम्र में अब खाओगे धोखे
डर लगता है इश्क करने में जी
दिल तो बच्चा है जी…
ऐसी उदासी बैठी है दिल पे
हँसने से घबरा रहे हैं
सारी जवानी कतरा के काटी
पीरी में टकरा गए हैं
दिल धड़कता है तो ऐसे लगता है वो
आ रहा है यहीं देखता ही न हो
प्रेम की मारें कटार रे
तौबा ये लम्हें कटते नहीं क्यूँ
आँखों से मेरी हटते नहीं क्यूँ
डर लगता है मुझसे कहने में जी
दिल तो बच्चा है जी…

