नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल- Nukta-Cheen Hai Gham-E-Dil (K.L.Saigal, Suraiyya, Md.Rafi)
परिचय
“नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल” 1954 की एक अत्यधिक प्रसिद्ध गीत है जो आज भी भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में बसा हुआ है। यह गीत अपनी गहराई और भावना के कारण विशिष्ट स्थान रखता है। इस लेख में हम इस गीत की विशेषताओं, उसके बोल, संगीतकार, और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
फिल्म का नाम और निर्देशक: यह गीत फिल्म “मिर्ज़ा ग़ालिब” का है, जिसे सोहराब मोदी ने निर्देशित किया था।
रिलीज़ की तारीख और प्रारंभिक प्रतिक्रिया: फिल्म 1954 में रिलीज़ हुई थी और तत्कालीन समय में इसे बहुत सराहा गया था। इसने न केवल आलोचकों की प्रशंसा प्राप्त की, बल्कि जनता के बीच भी लोकप्रियता हासिल की।

नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल- Nukta-Cheen Hai Gham-E-Dil, Song Details…
- Movie/Album: ग़ैर-फ़िल्मी ग़ज़ल, मिर्ज़ा ग़ालिब
- Year : 1954
- Music By: अज्ञात, ग़ुलाम मोहम्मद, खय्याम
- Lyrics By: मिर्ज़ा ग़ालिब
- Performed By: कुन्दनलाल सहगल, सुरैया, मोहम्मद रफ़ी
नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल- Nukta-Cheen Hai Gham-E-Dil Lyrics in Hindi
कुन्दनलाल सहगल
नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल, उसको सुनाये न बने
क्या बने बात जहाँ, बात बनाये न बने
क्या बने बात…
मैं बुलाता तो हूँ उसको, मगर ऐ जज़्बा-ए-दिल
उस पे बन जाये कुछ ऐसी कि बिन आये न बने
नुक़्ता-चीं है…
बोझ वो सर से गिरा, है कि उठाये न उठे
काम वो आन पड़ा है कि बनाये न बने
नुक़्ता-चीं है…
इश्क़ पर ज़ोर नहीं, है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’
कि लगाये न लगे और बुझाये न बने
नुक़्ता-चीं है…
सुरैया
नुक्ता-चीं है ग़म-ए-दिल, उसको सुनाये न बने
क्या बने बात जहाँ, बात बनाये न बने
नुक्ता-चीं है…
ग़ैर फिरता है लिये यूँ तेरे ख़त को के अगर
कोई पूछे के ये क्या है तो छुपाये न बने
नुक्ता-चीं है…
मैं बुलाता तो हूँ उसको मगर ऐ जज़्बा-ए-दिल
उसपे बन जाये कुछ ऐसी कि बिन आये न बने
नुक्ता-चीं है…
इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ग़ालिब
कि लगाये न लगे और बुझाये न बने
नुक्ता-चीं है…
मोहम्मद रफ़ी
नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल उसको सुनाये न बने
क्या बने बात जहाँ बात बनाये न बने
खेल समझा है, कहीं छोड़ न दे, भूल न जाए
काश, यूँ भी हो के बिन मेरे सताये न बने
बोझ वो सर से गिरा है कि उठाये न उठे
काम वो आन पड़ा है कि बनाये न बने
इश्क़ पर ज़ोर नहीं, है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’
कि लगाये न लगे और बुझाये न बने
नुक़्ता-चीं है…
नुक़्ता-चीं है ग़म-ए-दिल- Nukta-Cheen Hai Gham-E-Dil, Video Song…
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