फुटपाथों के हम…

फुटपाथों के हम – Footpathon Ke Hum – Suresh Wadkar, Anup Jalota, Hariharan, Shailendra Singh

मशाल फिल्म का प्रसिद्ध गीत: फुटपाथों के हम रहने वाले

मशाल (1984) फिल्म का गीत “फुटपाथों के हम रहने वाले” भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह गीत अनूप जलोटा, हरिहरन, सुरेश वाडकर और शैलेंद्र सिंह द्वारा गाया गया है और इसका संगीत हृदयनाथ मंगेशकर ने दिया है। गीत के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।

फिल्म का परिचय

मशाल एक सामाजिक-राजनीतिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें दिलीप कुमार, वहिदा रहमान, अनिल कपूर और रति अग्निहोत्री मुख्य भूमिकाओं में हैं। यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में समाज की विभिन्न समस्याओं को उजागर किया गया है।

गीत की महत्वपूर्ण विशेषताएँ

गायकों का योगदान

अनूप जलोटा, हरिहरन, सुरेश वाडकर और शैलेंद्र सिंह ने इस गीत को अपनी आवाज़ से सजाया है। उनकी आवाज़ों का मेल और भावनाओं की अभिव्यक्ति इस गीत को खास बनाते हैं।

संगीत की बारीकियाँ

हृदयनाथ मंगेशकर का संगीत इस गीत को विशेष ऊँचाइयों पर ले जाता है। उनके संगीत निर्देशन में सादगी और गहराई का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

जावेद अख्तर के बोल

जावेद अख्तर ने इस गीत के बोलों में समाज के निचले तबके की संघर्षमय जीवनशैली को चित्रित किया है। उनके शब्दों में सच्चाई और संवेदनशीलता का मेल है जो सुनने वालों के दिल को छू जाता है।

गीत का समाज पर प्रभाव

समाज की यथार्थवादी तस्वीर

“फुटपाथों के हम रहने वाले” गीत समाज के उस वर्ग की कहानी है जो रोज़मर्रा की कठिनाइयों से जूझता है। इस गीत ने समाज के इस पहलू को सामने लाने का साहसिक प्रयास किया है।

भावनात्मक जुड़ाव

यह गीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सच्चाइयों को बयां करता है। इसे सुनते समय श्रोताओं को एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है।

निष्कर्ष

“फुटपाथों के हम रहने वाले” गीत न केवल मशाल फिल्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह समाज के उस वर्ग की आवाज़ है जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। इस गीत के माध्यम से जावेद अख्तर, हृदयनाथ मंगेशकर और गायकों ने एक ऐसा संदेश दिया है जो आज भी प्रासंगिक है।

फुटपाथों के हम रहने वाले
फुटपाथों के हम रहने वाले

फुटपाथों के हम – Footpathon Ke Hum Song  Details…

 

  • Movie/Album: मशाल
  • Year : 1984
  • Music By: हृदयनाथ मंगेशकर
  • Lyrics By: जावेद अख्तर
  • Performed By: अनूप जलोटा, हरिहरन, सुरेश वाडकर, शैलेंद्र सिंह

फुटपाथों के हम – Footpathon Ke Hum Song  Lyrics in Hindi

फुटपाथों के हम रहने वाले
रातों ने पाला हम वो उजाले
आकाश सर पे पैरों तले
है दूर तक ये ज़मीं
और तो अपना कोई नहीं
फूटपाथों के हम…

कोई नहीं ना सही, हम क्यूँ आँसू बहाएँ
दुनिया जले तो जले, हम तुम मस्ती मे गाएँ
गम से निकल, भूल के चल, क्या होगा कल
अपना वही, इस पल मे जो है यहीं
और तो अपना कोई नहीं…

माँ नहीं बाप नहीं, जैसे जीयें पाप नहीं
ना कोई घर ना कोई दर, है पास क्या जिसका हो डर
ना मंज़िल है, ना साहिल है, हम हैं दिल है
ये दिल हमें, ले जाए चाहे कहीं
और तो अपना कोई नहीं…

हो बचपन में खेले गम से, निर्धन घरों के बेटे
फूलों की सेज नहीं, काँटों पे हम हैं लेटे
भूखे रहें, सौ गम सहें, दिल ये कहे
रोटी जहाँ, है स्वर्ग अपना वहीं
और तो अपना कोई नहीं…

फुटपाथों के हम – Footpathon Ke Hum  Video Song…. 

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