बम-बम बोले Bum Bum Bole

बम-बम बोले, Bum Bum Bole – Shaan, Aamir Khan

परिचय

फिल्म “तारे ज़मीन पर” का प्रसिद्ध गीत “बम-बम बोले” न केवल मनोरंजन के दृष्टिकोण से बल्कि इसके प्रेरणादायक संदेश के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह गीत बच्चों की मासूमियत और उनकी असीमित संभावनाओं का प्रतीक है।

“तारे ज़मीन पर” एक भारतीय हिंदी फिल्म है, जिसका निर्देशन आमिर खान ने किया है। यह फिल्म एक डिस्लेक्सिक बच्चे, ईशान अवस्थी, की कहानी है जो पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करता है, लेकिन उसकी कला और रचनात्मकता में अद्वितीय प्रतिभा है।

गीत “बम-बम बोले” फिल्म के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आता है, जहां शिक्षक राम शंकर निकुंभ, बच्चों को उनकी रचनात्मकता और स्वतंत्रता की ओर प्रोत्साहित करते हैं। यह गीत दर्शाता है कि हर बच्चा अद्वितीय है और उसे अपनी राह खुद बनाने का अधिकार है।

 

बम-बम बोले
बम-बम बोले

बम-बम बोले, Bum Bum Bole Lyrics in Hindi

  • Song – Bum Bum Bole
  • Film – Taare Zameen Par
  • Singer – Shaan, Aamir Khan
  • Lyricist – Prasoon Joshi
  • Music Director – Shankar Mahadevan, Ehsaan Noorani, Loy Mendonca
  • Artist – Aamir Khan
  • Music On – T-Series

बम-बम बोले, Bum Bum Bole Lyrics in Hindi

देखो-देखो, क्या वो पेड़ है?चादर ओढ़े या खड़ा कोई?
Hey, देखो-देखो, क्या वो पेड़ है?चादर ओढ़े या खड़ा कोई?बारिश है या आसमान नेछोड़ दिए हैं नल खुले कहीं
हो, हम जैसे देखें, ये जहाँ है वैसा हीजैसी नज़र अपनी
खुल के सोचें, आओपंख ज़रा फैलाओ, रंग नए बिखराओचलो-चलो, चलो-चलो, नए ख़ाब बुन लें
सा पा (सा पा), धा रे (धा रे)गा रे (गा रे)गा मा पा सा (गा मा पा सा)
बम-बम-बम (बम-बम-बम)बम-बम-बम बोले (बम-बम-बम बोले)Hey, बम-चिक बोले (बम-चिक बोले)अरे, मस्ती में डोले (मस्ती में डोले)
बम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रेबम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रे
भला मछलियाँ भी क्यूँ उड़ती नहीं?ऐसे भी सोचो ना, सोचो सूरज रोज़ नहाएया बाल भिगो के ये बुद्धू बनाए हमें
ये सारे तारे टिम-टिमाएँया फिर गुस्से में कुछ बड़बड़ाते रहें
खुल के सोचें, आओपंख ज़रा फैलाओ, रंग नए बिखराओचलो-चलो, चलो-चलो, नए ख़ाब बुन लें
बम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रे
ओ, रट-रट के क्यूँ tanker full?(Tanker full, tanker full)आँखें बंद तो डब्बा गुल(ओए, डब्बा गुल, डब्बा गुल)
ओए, बंद दरवाज़े खोल रे(खोल रे, खोल रे, खोल रे)हो जा बिंदास, बोल रे(बोल-बोल, बोल-बोल, बोल रे)
मैं भी हूँ (मैं भी हूँ), तू भी है (तू भी है)ओ, मैं भी, तू भी, हम सब मिल के
बम-चिक, बम बम-चिकबम बम-चिक, बम बम-चिकबम बम-चिक, बम बम-चिकबम बम-चिक, बम-बम-बम-बम-बम
बम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रे
ऐसी रंगों भरी अपनी दुनिया है क्यूँ?सोचो तो, सोचो ना
प्यार से चुन के इन रंगों कोकिसी ने सजाया ये संसार हैजो इतनी सुंदर है अपनी दुनियाऊपर वाला क्या कोई कलाकार है?
खुल के सोचें, आओपंख ज़रा फैलाओ, रंग नए बिखराओचलो-चलो, चलो-चलोचलो-चलो, चलो-चलोचलो-चलो, चलो-चलो नए ख़ाब बुन लें
बम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रेबम-बम बोले, मस्ती में डोलेबम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रे
बम-बम बोले, मस्ती में डोले (बम-बम बोले)बम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रेबम-बम बोले, मस्ती में डोले (बम-बम बोले)बम-बम बोले, मस्ती में तू डोल रे
ओए, बम-बम बोले

 

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