ये राखी बंधन है ऐसा

ये राखी बंधन है ऐसा – Ye Rakhi Bandhan Hai Aisa – Mukesh, Lata Mangeshkar

गीत का परिचय

‘ये राखी बंधन है ऐसा’ एक ऐसा गीत है जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। इस गीत को गाया है मुकेश और लता मंगेशकर ने, जो हिंदी फिल्म संगीत के जगत के दो महान कलाकार हैं। इस गीत के संगीतकार हैं शंकर-जयकिशन, जो भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ संगीतकार जोड़ी मानी जाती है। इस गीत के बोल लिखे हैं वर्मा मलिक ने, जिनके लफ्ज़ दिल की गहराइयों को छू जाते हैं।

गीत की सांस्कृतिक महत्ता

‘ये राखी बंधन है ऐसा’ गीत को अक्सर रक्षा बंधन के त्यौहार से जोड़ा जाता है। यह गीत भाई-बहन के प्यार, समर्पण और त्याग को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करता है। जब भी यह गीत बजता है, तो दिल में अपने भाई या बहन के लिए विशेष प्रेम और संवेदनाएं जागृत हो जाती हैं। गीत के शब्द और संगीत दोनों ही इस भावना को उभारने में पूर्णतः सक्षम हैं।

संगीत की विशेषताएं

शंकर-जयकिशन की संगीत रचना इस गीत को एक विशेष ऊँचाई प्रदान करती है। उन्होंने इस गीत में पारंपरिक और आधुनिक संगीत के तत्वों का संगम प्रस्तुत किया है। गीत का हर सुर और ताल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की कहानी को संगीत की भाषा में कहता है। मुकेश और लता मंगेशकर की आवाज़ में वह मिठास और गहराई है जो इस गीत को अमर बनाती है।

ताल और सुर की जादुई कारीगरी

शंकर-जयकिशन ने इस गीत में तबला और सारंगी जैसे वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया है, जो गीत की भावनाओं को और भी गहन बना देते हैं। गीत के आरंभ में तबले की हल्की ताल सुनाई देती है, जो धीरे-धीरे गीत के भाव को परवान चढ़ाती है। इसके साथ ही सारंगी की मधुर ध्वनि गीत के लिरिक्स को प्रभावी ढंग से उभारती है।

बोलों की गहराई

वर्मा मलिक के लिखे हुए बोल इस गीत की आत्मा हैं। उन्होंने बहुत ही सरल लेकिन प्रभावशाली शब्दों का चयन किया है जो हर किसी के दिल को छू जाते हैं। गीत में भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और मजबूती को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया गया है।

प्रत्येक शब्द में भावनाओं का संचार

गीत के बोलों में एक गहराई है जो हर बार सुनने पर नई भावनाओं का संचार करती है। “ये राखी बंधन है ऐसा, जनमों का ये साथ है” जैसे शब्द न केवल रिश्ते की पवित्रता को दर्शाते हैं बल्कि यह भी बताते हैं कि यह बंधन सिर्फ इस जन्म का नहीं बल्कि कई जन्मों का है।

मुकेश और लता मंगेशकर की आवाज़

मुकेश और लता मंगेशकर दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र के महान गायक हैं। इस गीत में दोनों की आवाज़ें ऐसे मिलती हैं जैसे आत्मा और शरीर। मुकेश की गहरी और भावपूर्ण आवाज़ और लता मंगेशकर की मधुरता इस गीत को एक अद्वितीय अनुभव बनाती है।

मुकेश की आवाज़ में गहराई

मुकेश की आवाज़ में एक अद्भुत गहराई है जो इस गीत की भावनाओं को और भी प्रबल बना देती है। उनकी आवाज़ में जो दर्द और प्रेम का मिश्रण है, वह इस गीत को सुनने वालों के दिलों में सीधा उतर जाता है।

लता मंगेशकर की मिठास

लता मंगेशकर की आवाज़ की मिठास और उनके उच्चारण की शुद्धता इस गीत को सुनने का आनंद दोगुना कर देती है। उनकी आवाज़ में जो कोमलता और सजीवता है, वह इस गीत को अमर कर देती है।

समाप्ति

‘ये राखी बंधन है ऐसा’ सिर्फ एक गीत नहीं है, यह हमारे सांस्कृतिक और भावनात्मक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। इसके संगीत, बोल और गायिकी ने इसे एक अमर धरोहर बना दिया है।

ये राखी बंधन है ऐसा
ये राखी बंधन है ऐसा

ये राखी बंधन है ऐसा – Ye Rakhi Bandhan Hai Aisa Song Credits…

  • Movie/Album: बेईमान
  • Year : 1972
  • Music By: शंकर-जयकिशन
  • Lyrics By: वर्मा मलिक
  • Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

ये राखी बंधन है ऐसा – Ye Rakhi Bandhan Hai Aisa Lyrics in Hindi

ये राखी बंधन है ऐसा
जैसे चँदा और किरण का
जैसा बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा…

दुनिया की जितनी बहनें हैं
उन सबकी श्रद्धा इसमें है
है धरम करम भईया का ये
बहना की रक्षा इसमें है
जैसे सुभद्रा और किशन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा…

छोटी बहना चूम के माथा
भईया तुझे दुआ दे
सात जनम की उम्र मेरी
तुझको भगवन लगा दे
अमर प्यार है भाई-बहन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा…

आज खुशी के दिन भाई के
भर-भर आए नैना
कदर बहन की उनसे पूछो
जिनकी नहीं है बहना
मोल नहीं कोई इस बंधन का
जैसे बदरी और पवन का
जैसे धरती और गगन का
ये राखी बंधन है ऐसा…

ये राखी बंधन है ऐसा – Ye Rakhi Bandhan Hai Aisa Video Song…

 

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