लकड़ी की काठी – Lakdi Ki Kaathi – Gauri, Gurpreet & Vanita
परिचय
1983 में आई फिल्म “मासूम” भारतीय सिनेमा की एक यादगार फिल्म है, जिसे शेखर कपूर ने निर्देशित किया था। यह फिल्म अपनी मार्मिक कहानी और शानदार संगीत के लिए जानी जाती है। इस फिल्म का एक प्रमुख गाना “लकड़ी की काठी” है, जो बच्चों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हुआ।
“लकड़ी की काठी” गाने के गीतकार प्रसिद्ध कवि गुलजार हैं और संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया है। यह गाना फिल्म के उस हिस्से में आता है, जब फिल्म के मुख्य पात्र के बच्चे मिलकर एक घोड़े के खिलौने के साथ खेलते हैं। इस गाने ने न केवल फिल्म को ऊँचाइयाँ दीं, बल्कि बच्चों के दिलों में भी जगह बना ली।

लकड़ी की काठी – Lakdi Ki Kaathi Song Details
- Movie/Album: मासूम
- Year : 1983
- Music By: आर.डी.बर्मन
- Lyrics By: गुलज़ार
- Performed By: गौरी बापट, गुरप्रीत कौर, वनिता मिश्रा
लकड़ी की काठी – Lakdi Ki Kaathi Lyrics in Hindi
लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा
घोडे की दुम पे जो मारा हथौड़ा
दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा
घोड़ा पहुंचा चौक में
चौक में था नाई
घोड़े जी की नाई ने हजामत जो बनाई
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घोड़ा था घमंडी
पहुंचा सब्जी मंडी
सब्जी मंडी बरफ पड़ी थी
बरफ में लग गई ठंडी
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घोड़ा अपना तगड़ा है
देखो कितनी चर्बी है
चलता है महरौली में
पर घोड़ा अपना अरबी है
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