वो काग़ज़ की कश्ती Woh Kagaz Ki Kashti – Jagjit Singh
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी वायरल गजल है जिसे जगजीत सिंह ने गाया है। इस गाने को सुदर्शन फाकिर ने लिखा है जबकि संगीत जगजीत सिंह ने दिया है। इसे Saregama Music यूट्यूब चैनल पर देखा और सुना जा सकता है।

वो काग़ज़ की कश्ती Woh Kagaz Ki Kashti Lyrics Details
- Song Name: Woh Kagaz Ki Kashti
- Singer : Jagjit Singh
- Film : Aaj
- Music Director : Chitra Singh/Jagjit Singh
- Lyrics : Sudarshan Faakir
- Mood :- Philosophy, Sadness, Sorrow
- Theme :- Philosophical
वो काग़ज़ की कश्ती Woh Kagaz Ki Kashti Lyrics in Hindi
ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
मुहल्ले की सबसे पुरानी निशानी
वो बुढ़िया जिसे बच्चे कहते थे नानी
वो नानी की बातों में परियों का डेरा
वो चहरे की झुरिर्यों में सदियों का फेरा
भुलाए नहीं भूल सकता है कोई
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
वो छोटी सी रातें, वो लंबी कहानी
कभी रेत के ऊँचे टीलों पे जाना
घरोंदे बनाना बना के मिटाना
वो मासूम चाहत की तस्वीर अपनी
वो ख़्वाबों खिलौनों की जागीर अपनी
न दुनिया का ग़म था, न रिश्तों के बंधन
बड़ी खूबसूरत थी वो ज़िंदगानी
बड़ी खूबसूरत थी वो ज़िंदगानी
ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी
