सावन का महीना ….

सावन का महीना – Saawan Ka Mahina – Lata Mangeshkar, Mukesh

परिचय

सावन का महीना, भारतीय संगीत की दुनिया में एक ऐसा गीत है जो आज भी दिलों में बसता है। इस गीत को मुकेश और लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज़ से सजाया है, जबकि संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसके सुरों में जान डाल दी है। आनंद बक्षी द्वारा लिखे गए इस गीत के बोल आज भी लोगों के कानों में रस घोलते हैं।

गीत की पृष्ठभूमि और इसके बोल

“सावन का महीना” 1970 के दशक का एक प्रमुख गीत है, जिसे फ़िल्म ‘मिलन’ के लिए रिकॉर्ड किया गया था। इस गीत की रचना में सावन के मौसम की रूमानी और मनोहारी छवि को शब्दों में बाँधा गया है।

संगीत की विशेषताएँ

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इस गीत में भारतीय शास्त्रीय संगीत के तत्वों को बखूबी समाहित किया है। हार्मोनियम, सितार, और तबले का सुंदर मेल इस गीत को और भी मधुर बनाता है।

मुकेश और लता मंगेशकर की गायकी

मुकेश और लता मंगेशकर ने इस गीत में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है। मुकेश की गंभीर और भावुक आवाज़ के साथ लता मंगेशकर की सुमधुर आवाज़ ने इस गीत को अमर बना दिया है।

गीत का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

“सावन का महीना” केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज और संस्कृति का प्रतिबिंब भी है। सावन के महीने की महत्वता और इसकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता इस गीत में स्पष्ट रूप से झलकती है।

गीत का स्थान भारतीय संगीत में

इस गीत ने भारतीय संगीत में एक विशेष स्थान बना लिया है। इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ फ़िल्मी संगीत के अद्वितीय मिश्रण के लिए सराहा जाता है।

सारांश

“सावन का महीना” गीत भारतीय संगीत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मुकेश, लता मंगेशकर, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और आनंद बक्षी की यह जादूई रचना आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी हुई है।

सावन का महीना
सावन का महीना

सावन का महीना – Saawan Ka Mahina Song Credits…

  • Movie/Album: मिलन
  • Year : 1967
  • Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
  • Lyrics : आनंद बक्षी
  • Performed : मुकेश, लता मंगेशकर

सावन का महीना – Saawan Ka Mahina Lyrics In Hindi

सावन का महीना, पवन करे सोर
सावन का महीना, पवन करे शोर
पवन करे सोर
पवन करे शोर
अरे बाबा शोर नहीं, सोर, सोर, सोर
पवन करे सोर, हाँ!
जियारा रे झूमे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर

राम गजब ढाए ये पुरवैया
नैया संभालो कित खोये हो खिवैया
होय पुरवैया के आगे चले ना कोई जोर
जियारा रे झूमे…

मौजवा करे क्या जाने हमको इसारा
जाना कहाँ है पूछे नदिया की धारा
मरजी है तुम्हारी ले जाओ जिस ओर
जियारा रे झूमे…

जिनके बलम बैरी गए हैं बिदेसवा
आये हैं लेके उनके प्यार का संदेसवा
कारी मतवारी घटाएं घनघोर
जियारा रे झूमे…

सावन का महीना – Saawan Ka Mahina  Video Song…

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