सूफी सलाम – Sufi Salam

सूफी सलाम – Sufi Salam – Rahat Fateh Ali Khan

गीत का परिचय

“सूफी सलाम” एक अद्वितीय सूफी गीत है, जिसे मशहूर गायन कलाकार राहत फतेह अली खान ने अपनी रूहानी आवाज़ से जीवंत किया है। इस गीत का संगीत गुफी ने तैयार किया है, और इसके बोल दीपक अग्रवाल ने लिखे हैं। इस गीत में सूफी विचारधारा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना को अत्यंत सुंदरता से पेश किया गया है। “सूफी सलाम” प्रेम, श्रद्धा और भक्ति का एक ऐसा संगम है, जो श्रोताओं को एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ता है।

गीत के बोल और उनकी गहराई

दीपक अग्रवाल द्वारा लिखे गए गीत के बोल सूफी दर्शन की गहरी समझ को दर्शाते हैं। गीत में सलाम करना एक प्रतीक है, जो ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और आभार व्यक्त करता है। हर पंक्ति में प्रेम और भक्ति की अद्वितीय भावना प्रकट होती है, जो सुनने वालों को आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है। गीत में “सूफी सलाम” शब्द केवल एक औपचारिक अभिवादन नहीं है, बल्कि यह एक आंतरिक अनुभव और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

गीत के बोल सरल होते हुए भी गहरे अर्थों से भरे हुए हैं। इनमें प्रेम और विश्वास के तत्व हैं, जो इंसान को ईश्वर से जोड़ते हैं। दीपक अग्रवाल ने हर शब्द में सूफी दर्शन के उस तत्व को उभारा है, जो प्रेम को ईश्वर की उपासना के रूप में देखता है।

संगीत का प्रभाव

गुफी का संगीत इस गीत की आत्मा है। संगीत में सूफी शैली का गहरा प्रभाव दिखाई देता है, जिसमें सूफी क़व्वाली और शास्त्रीय संगीत के तत्वों का बेहतरीन संयोजन किया गया है। गुफी ने संगीत में हारमोनियम, तबला, और ढोलक का प्रमुख उपयोग किया है, जो सूफी संगीत की विशिष्ट ध्वनियों को प्रस्तुत करता है।

संगीत की मधुरता और गहराई श्रोताओं को ध्यान और भक्ति की अवस्था में ले जाती है। हर सुर और ताल इस गीत की भावना को और भी प्रभावी बनाते हैं। गुफी का संगीत राहत फतेह अली खान की आवाज़ के साथ मिलकर एक ऐसा माहौल तैयार करता है, जिसमें श्रोता खुद को आध्यात्मिक रूप से समर्पित महसूस करते हैं।

राहत फतेह अली खान की गायकी

राहत फतेह अली खान की आवाज़ इस गीत की सबसे बड़ी ताकत है। उनकी गायकी में सूफी संगीत का जो गहराई और आत्मीयता है, वह श्रोताओं को सीधे दिल से जोड़ देती है। राहत फतेह अली खान ने अपनी मधुर और दमदार आवाज़ में इस गीत के हर शब्द को जीवंत किया है।

उनकी गायकी में वह सादगी और सहजता है, जो श्रोताओं को ध्यान और भक्ति की अवस्था में ले जाती है। उनके सूफियाना अंदाज़ और भावपूर्ण गायकी ने इस गीत को अमर बना दिया है।

गीत का महत्व

“सूफी सलाम” सिर्फ एक गीत नहीं है, यह एक आध्यात्मिक यात्रा है। यह गीत प्रेम, भक्ति और समर्पण की भावना को सजीव करता है, और यह श्रोताओं को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। गीत का सूफी शैली में गाया जाना और उसके गहरे अर्थ इसे विशेष बनाते हैं।

यह गीत उन लोगों के लिए एक प्रेरणा है, जो प्रेम और भक्ति के माध्यम से ईश्वर से जुड़ने की इच्छा रखते हैं। “सूफी सलाम” का महत्व इस बात में है कि यह सुनने वालों के दिलों में गहरी भावना और श्रद्धा को जाग्रत करता है, और उन्हें ईश्वर की ओर समर्पण का मार्ग दिखाता है।

निष्कर्ष

सूफी सलाम” एक अद्वितीय सूफी गीत है, जिसे राहत फतेह अली खान ने अपनी रूहानी आवाज़ और गुफी ने अपने संगीत से संजीवित किया है। दीपक अग्रवाल के गहरे और अर्थपूर्ण बोल इस गीत को एक आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाते हैं। यह गीत प्रेम, श्रद्धा, और भक्ति का प्रतीक है, जो श्रोताओं को एक गहरे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ता है।

सूफी सलाम
सूफी सलाम

सूफी सलाम – Sufi Salam Song Credits…

  • Movie/Album: तिश्नगी
  • Year : 2018
  • Music By: गुफी
  • Lyrics By: दीपक अग्रवाल
  • Performed By: राहत फ़तेह अली खान

सूफी सलाम – Sufi Salam Lyrics in Hindi 

सूफी सलाम, सलाम, सलाम
सूफी सलाम, सलाम, सलाम
सूफी सलाम, सलाम, सलाम

आँखों ने मेरी, आँखों को तेरी
भेजा है दिल का पैयाम
देख मेरे इस दीवानेपन में
तेरी लगन सुबहो शाम
चाह की इल्म से, मैं गुज़र जो गया
तेरे दीदार से ही मुकम्मल हुआ
ख्वाहिशों का है तू ही क़याम
सूफी सलाम, सूफी सलाम…

मेहरबान हम पे तुम जो हुए हो
क़दरदान तेरे हम हो गए हैं
कुर्बत ने तेरी, फुरसत से मेरी
दर्द किया है तमाम
इश्क छुपता नहीं ये पता चल गया
चर्चा इस बात का हर जगह मिल गया
मेरे रब का है तू ही इनाम
सूफी सलाम…

मसरूर हमसे तुम जो हुए हो
तलबगार तेरे हम हो गए हैं
सूफी सलाम, सलाम, सलाम
सूफी सलाम, सलाम, सलाम
मसरूर हम से तुम जो हुए हो
तलबगार तेरे हम हो गए हैं
चाहत ने मेरी राहों से तेरी
पाया ख़ुशी का जहान
अक्स में जो तेरे मैं उतरने लगा
दिन-ब-दिन मैं खुदी में निखरने लगा
शौक-ए-दिल का है तू ही मक़ाम
सूफी सलाम…

सूफी सलाम – Sufi Salam Video Song…

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top