दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी – De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari
“De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari” न केवल एक भजन है, बल्कि भगवान राम की महिमा और उनके प्रति भक्त की श्रद्धा का सुंदर चित्रण है। प्रीति शर्मा की सुरीली आवाज़ और भजन के गहरे बोल इसे हर राम भक्त के दिल में विशेष स्थान देते हैं। यदि आप भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करना चाहते हैं और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेना चाहते हैं, तो यह भजन अवश्य सुनें।

दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी – De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari Bhajan Credits
- Album \Song :- De do Anghuthi Mere Raghuveer Ki
- Singer :- Preeti Sharma
- Lyrics :- Preeti Sharma
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी – De Do Anguthi Mere Prano Se Pyari Bhajan Lyrics
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
मात भी छोड़े, मैंने पिता भी छोड़े
छोड़ी जनकपुरी, छोड़ी जनकपुरी,
मेरे बाबुल की, बाबुल की
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
संग भी छोड़ा, मैंने साथ भी छोड़ा
छोड़ी संग सहेली, छोड़ी संग सहेली
मेरे बचपन की, बचपन की
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
सास भी छोड़े मैंने सुसर भी छोड़े
छोड़ी अवधपुरी, छोड़ी अवधपुरी,
मेरे ससुरा की, ससुरा की
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
राम भी छोड़े मैंने लक्ष्मण भी छोड़े
छोड़ी पंचवटी, छोड़ी पंचवटी
मेरे रघुवर की, रघुवर की
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
इतने मे हनुमत बोले सीता से,
इतने मे हनुमत बोले सीता से,
इसे मैं लेके आया, इसे मैं लेके आया
दे दो अंगूठी मेरे प्राणों से प्यारी
इसे लाया है कौन, इसे लाया है कौन
मेरे रघुवर की, रघुबर की
