तेरे दर की भीख से है, मेरा आज तक गुज़ारा – Tere Dar Ki Bhikh Se Hai, Mera Aaj Tak Guzaara
“Tere Dar Ki Bhikh Se Hai” एक अत्यंत नम्रता और समर्पण से भरा श्रीकृष्ण भजन है, जिसमें एक सच्चा भक्त अपने प्रभु से कहता है कि अगर उसे कुछ मिला है – तो वह केवल श्रीकृष्ण के द्वार से मिली भीख है। यह भजन भौतिक इच्छाओं की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शरणागति की मांग करता है।

तेरे दर की भीख से है, मेरा आज तक गुज़ारा – Tere Dar Ki Bhikh Se Hai, Mera Aaj Tak Guzaara Bhajan Credits
- Bhajan : Tere Dar Ki Bhikh Se Hai
- Singer : Vinod Agarwal Ji
- Music : Bankey Bihari Music
तेरे दर की भीख से है, मेरा आज तक गुज़ारा – Tere Dar Ki Bhikh Se Hai, Mera Aaj Tak Guzaara Bhajan Lyrics
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा,
तेरे दर की भिख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा ॥
