हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है – Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai, Harminder Singh Romi
खाटू श्याम जी के भजन उनके भक्तों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं। इन भजनों में उनके चमत्कार, कृपा और महिमा का वर्णन होता है। “Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai” ऐसा ही एक भावपूर्ण और श्रद्धा से भरा भजन है, जिसे अपनी गहरी और मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है गायक हरमिंदर सिंह रोमि ने। यह भजन खाटू श्याम जी की ग्यारस पर होने वाली दिव्य लीला और भक्तों पर बरसती उनकी कृपा का गुणगान करता है।

हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है – Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai Bhajan Credits
- Song : Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai
हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है – Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai
हर ग्यारस खाटू में,
अमृत जो बरसता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
यहाँ भजनों की गंगा,
अमृत सी बहती है,
सबके दिल की बातें,
बाबा से कहती है,
इन बूंदों को पीकर,
हर भक्त थिरकता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
भजनों की ये बुँदे,
जब कान में पड़ जाए,
हर प्रेमी बाबा का,
मेरे श्याम से जुड़ जाए,
फिर होश रहे ना उसे,
हँसता है सिसकता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
ये भजनों की गंगा,
हमें श्याम से मिलवाए,
यहाँ डुबकी लगाने को,
मेरा श्याम चला आए,
अमृत ये भजनों का,
जब जब भी छलकता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
इस अमृत में प्यारे,
तुम जहर नहीं घोलो,
कहता ‘रोमी’ तोलो,
तुम तोल के फिर बोलो,
इसे पावन रहने दो,
विश्वास भटकता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
हर ग्यारस खाटू में,
अमृत जो बरसता है,
उस अमृत को पीने,
हर भक्त पहुँचता है,
हर ग्यारस खाटु में,
अमृत जो बरसता है ॥
