वक्रतुण्ड महाकाय – Vakratunda Mahakaya, Anup Jalota
“Vakratunda Mahakaya” भजन भगवान गणेश के विघ्नहर्ता रूप को याद करते हुए शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। अनुप जलोटा जी की आवाज़ और मंत्र का संगीत श्रोताओं को एक आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाता है। यह मंत्र न केवल भगवान गणेश की पूजा का माध्यम है, बल्कि यह हर कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए एक शक्तिशाली उपाय भी है।

वक्रतुण्ड महाकाय – Vakratunda Mahakaya Bhajan Credits
- Song: Vakratunda Mahakaya
- Singer: Anup Jalota
- Music: Chandra Kamal
- Label: Nupur Audio
वक्रतुण्ड महाकाय – Vakratunda Mahakaya Bhajan Lyrics
वक्रतुण्ड महाकाय
सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव
सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
हिन्दी रूपांतरण:
वक्रतुण्ड: घुमावदार सूंड
महाकाय: महा काया, विशाल शरीर
सूर्यकोटि: सूर्य के समान
समप्रभ: महान प्रतिभाशाली
निर्विघ्नं: बिना विघ्न
कुरु: पूरे करें
मे: मेरे
देव: प्रभु
सर्वकार्येषु: सारे कार्य
सर्वदा: हमेशा, सदैव
