शंकर का डमरू बाजे रे

शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन Shankar Ka Damru Baje Re

शंकर का डमरू बाजे रे भजन है जिसे Mamta और Sahil  ने गाया है। इस भजन को Sh.Kewal Krishan Madhupji ने लिखा और Mamta संगीत दिया है। इसे Man Mandir Bhakti यूट्यूब चैनल द्वारा जारी किया गया है।

शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन Shankar Ka Damru Baje Re
शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन Shankar Ka Damru Baje Re

शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन Shankar Ka Damru Baje Re Song Details

  • Song: Shankar ka damroo baje re
  • Singer: Mamta, Sahil
  • Lyrics: Sh.Kewal Krishan Madhupji
  • Music: Mamta

शंकर का डमरू बाजे रे: शिव भजन Shankar Ka Damru Baje Re Lyrics in Hindi

शंकर का डमरू बाजे रे,
कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

जटाजूट में नाचे गंगा,
शिव मस्तक पर नाथे चंदा,
नाचे वासुकी नीलकंठ पर,
नागेश्वर गल साजे रे,
शंकर का डमरू बाजे रे,
कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

सीस मुकुट सोहे अति सुंदर,
नाच रहे कानन में कुंडल,
कंगन नूपुर चर्म-ओढ़नी,
भस्म दिगम्बर राजे रे,
शंकर का डमरू बाजे रे,
कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

कर त्रिशूल कमंडल साजे,
धनुष-बाण कंधे पै नाचे,
बजे ‘मधुप’ मृदंग ढोल डफ,
शंख नगारा बाजे रे,
शंकर का डमरू बाजे रे,
कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

तीनलौक डमरू जब बाजे,
डम डम डम डम की ध्यनि गाजे,
ब्रह्म नाचे, विष्णु नाचे,
अनहद का स्वर गाजे रे,
शंकर का डमरू बाजे रे,
कैलाशपति शिव नाचे रे ॥

 

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