तेरी फरियाद – Teri Fariyad, Jagjit Singh, Rekha Bhardwaj, Tum Bin 2
‘Teri Fariyad’ केवल एक ग़ज़ल नहीं, बल्कि एक अहसास है। यह उन लोगों के लिए है जो किसी को खो चुके हैं, मगर उनकी यादें आज भी दिल में ज़िंदा हैं। जगजीत सिंह और रेखा भारद्वाज की आवाज़ में यह ग़ज़ल अमर हो जाती है।

तेरी फरियाद – Teri Fariyad Ghazal Credits
Movie/Album: तुम बिन 2 (2016)
Music By: निखिल-विजय, अंकित तिवारी
Lyrics : फैज़-अनवर, शकील आज़मी
Singers : जगजीत सिंह, रेखा भारद्वाज
तेरी फरियाद – Teri Fariyad Ghazal Lyrics
अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे
तेरी फ़रियाद मगर मुझमें दबी हो जैसे
जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे
अब कोई आस ना उम्मीद बची हो जैसे
रस्ते चलते हैं मगर पाँव हमें लगते हैं
हम भी इस बर्फ़ के मंज़र में जमे लगते हैं
जान बाकी है मगर साँस रुकी हो जैसे
वक़्त के पास लतीफे भी हैं मरहम भी है
क्या करूँ मैं कि मेरे दिल में तेरा ग़म भी है
मेरी हर साँस तेरे नाम लिखी हो जैसे
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
किसको नाराज़ करूँ, किससे खफ़ा हो जाऊँ
अक्स हैं दोनों मेरे किससे जुदा हो जाऊँ
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे
रात कुछ ऐसे कटी है कि सहर ही न हुई
जिस्म से जां के निकलने की ख़बर ही ना मिली
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे
कैसे बिछडू़ँ कि वो मुझमे ही कहीं रहता है
उससे जब बच के गुज़रता हूँ तो ये लगता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे
