तू ही हकीकत – Tu Hi Haqeeqat, Javed Ali, Tum Mile
“Tu Hi Haqeeqat” एक ऐसा गीत है जो प्यार को सिर्फ एक भावना नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण अस्तित्व के रूप में प्रस्तुत करता है। जावेद अली की मर्मस्पर्शी गायकी, प्रीतम का भावनात्मक संगीत और गीतकारों की दिल से निकली पंक्तियाँ – इन सबका संगम इस गाने को यादगार बना देता है।

तू ही हकीकत – Tu Hi Haqeeqat Song Credit
- Movie/Album: तुम मिले (2009)
- Music: प्रीतम चक्रबर्ती
- Lyrics: कुमार, सईद कादरी
- Singer : जावेद अली
तू ही हकीकत – Tu Hi Haqeeqat Lyrics in Hindi
तू ही हकीकत, ख्वाब तू
दरिया तू ही, प्यास तू
तू ही दिल की बेकरारी
तू सुकूं, तू सुकूं
जाऊ मैं अब्ब जब जिस जगह
पाऊं मैं तुझको उस जगह
साथ होके न हो तू है रूबरू, रुबुरू
तू हमसफ़र, तू हमकदम, तू हमनवा मेरा
आ तुझे इन बाहों में भर के और भी कर लूं मैं करीब
तू जुदा हो तो लगे हैं आता जाता हर पल अजीब
इस जहां में है और न होगा मुझसा कोइ भी खुशनसीब
तुने मुझको दिल दिया है में हूँ तेरे सबसे करीब
में ही तो तेरे दिल में हूँ, में ही तोह साँसों में बसूं
तेरे दिल की धड़कनों में मैं ही हूँ, मैं ही हूँ
तू हमसफ़र, तू हमकदम, तू हमनवा मेरा…
कब भला अब यह वक़्त गुजरे कुछ पता चलता ही नहीं
जबसे मुझको तू मिला है होश कुछ भी अपना नहीं
उफ़ यह तेरी पलकें घनी सी छाँव इनकी है दिलनशी
अब किसे डर धुप का है क्यूँ की है ये मुझपे बिछी
तेरे बिना न सांस लूं तेरे बिना न मैं जियूं
तेरे बिना न एक पल भी रह सकूं, रह सकूं
तू हकीकत…
