मंज़ूर-ए-ख़ुदा – Manzoor-E-Khuda, Sukhwinder Singh, Shreya Ghoshal, Sunidhi Chauhan, Thugs Of Hindostan
“Manzoor-E-Khuda” एक सशक्त और प्रेरणादायक गीत है, जो आज़ादी, आत्मबल और संघर्ष की भावना को प्रकट करता है। गायकों की ऊर्जा, संगीत की भव्यता और गीतकार के शब्द इसे एक जबरदस्त प्रभावशाली अनुभव बनाते हैं। यह गीत न सिर्फ सुनने में रोमांचक है, बल्कि आत्मा को छू जाने वाला भी है।

मंज़ूर-ए-ख़ुदा – Manzoor-E-Khuda Song Credits
Movie/Album: ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान (2018)
Music By: अजय-अतुल
Lyrics : अमिताभ भट्टाचार्य
Singer : श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, सुखविंदर सिंह
मंज़ूर-ए-ख़ुदा – Manzoor-E-Khuda Song Lyrics in Hindi
बाबा लौटा दे मोहे गुड़िया मोरी
अंगना का झूलना भी
इमली की डार वाली मुनिया मोरी
चाँदी का पैंजना भी
इक हाथ में चिंगारियाँ
इक हाथ में साज़ है
हँसने की है आदत हमें
हर ग़म पे भी नाज़ है
आज अपने तमाशे पे महफ़िल को
करके रहेंगे फ़िदा
जब तलक ना करें जिस्म से जान
होगी नहीं ये जुदा
मंज़ूर-ए-ख़ुदा, मंज़ूर-ए-ख़ुदा
अंजाम होगा हमारा जो है
मंज़ूर-ए-ख़ुदा
मंज़ूर-ए-ख़ुदा (मंज़ूर-ए-ख़ुदा)
मंज़ूर-ए-ख़ुदा (मंज़ूर-ए-ख़ुदा)
टूटे सितारों से रोशन हुआ है
नूर-ए-ख़ुदा
हो, चार दिन की गुलामी
जिस्म की है सलामी
रूह तो मुद्दतों से आज़ाद है
हो, हम नहीं हैं यहाँ के
रहने वाले जहाँ के
वो शहर आसमाँ में आबाद है
हो खिलते ही उजड़ना है
मिलते ही बिछड़ना है
अपनी तो कहानी है ये
कागज़ के शिकारे में
दरिया से गुज़रना है
ऐसी ज़िंदगानी है ये
ज़िंदगानी का हम पे जो है कर्ज़
कर के रहेंगे अदा
जब तलक ना करें जिस्म से जान
होगी नहीं ये जुदा
मंज़ूर-ए-ख़ुदा…
बाबा लौटा दे मोहे…
