Kabhi Toh Aasmaan Se

कभी तो आसमाँ से – Kabhi Toh Aasmaan Se, Jagjit Singh

जगजीत सिंह सिर्फ एक गायक नहीं, एक अहसास थे। उनकी आवाज़, उनकी ग़ज़लें आज भी हमारी ज़िंदगी के उन पलों का साथी बनती हैं, जब शब्द नहीं होते, सिर्फ जज़्बात होते हैं। “Kabhi Toh Aasmaan Se…” ग़ज़ल हमें याद दिलाती है कि किसी की आवाज़ भी दवा हो सकती है।

कभी तो आसमाँ से - Kabhi Toh Aasmaan Se
कभी तो आसमाँ से – Kabhi Toh Aasmaan Se

कभी तो आसमाँ से – Kabhi Toh Aasmaan Se Ghajal Credits

  • Movie/Album: तुम तो नहीं हो (2005)
  • Music : जगजीत सिंह
  • Lyrics : बशीर बद्र
  • Singer : जगजीत सिंह

कभी तो आसमाँ से – Kabhi Toh Aasmaan Se Ghazal Lyrics

कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक खूबसूरत शाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से…

वो मेरा नाम सुन कर कुछ ज़रा शरमा से जाते हैं
बहुत मुमकिन है, कल इसका मुहब्बत नाम हो जाए

ज़रा सा मुस्कुरा कर हाल पूछो दिल बेहाल जाए
हमारा काम हो जाए, तुम्हारा नाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से…

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए
कभी तो आसमाँ से…

कभी तो आसमाँ से – Kabhi Toh Aasmaan Se Ghazal

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