गुलाबी आँखें जो तेरी देखी – Gulabi Aankhein Jo Teri Dekhi, Md.Rafi, The Train
फ़िल्म ‘द ट्रेन’ (1970) का गाना “Gulabi Aankhein Jo Teri Dekhi” एक ऐसा सदाबहार नग़मा है, जिसने पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। इस गीत को अपनी जादुई आवाज़ से सजाया है महान गायक मोहम्मद रफ़ी ने, और इसका संगीत दिया है मशहूर संगीतकार आर. डी. बर्मन ने। इस गीत में मोहब्बत, शरारत और रोमांस का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है।

गुलाबी आँखें जो तेरी देखी – Gulabi Aankhein Jo Teri Dekhi Song Credits
- Movie/Album: द ट्रेन (1970)
- Music : आर.डी.बर्मन
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : मो.रफ़ी
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी – Gulabi Aankhein Jo Teri Dekhi Song Lyrics in Hindi
गुलाबी आँखें, जो तेरी देखी
शराबी ये दिल हो गया
सम्भालो मुझको, ओ मेरे यारों
सम्भलना मुश्किल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी…
दिल में मेरे, ख़्वाब तेरे, तस्वीरें जैसे हों दीवार पे
तुझपे फ़िदा, मैं क्यूँ हुआ, आता है गुस्सा मुझे प्यार पे
मैं लुट गया, मान के दिल का कहा
मैं कहीं का ना रहा, क्या कहूँ मैं दिलरुबा
बुरा ये जादू तेरी आँखों का, ये मेरा क़ातिल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी…
मैंने सदा, चाहा यही, दामन बचा लूँ हसीनों से मैं
तेरी क़सम, ख़्वाबों में भी, बचता फिरा नाज़नीनों से मैं
तौबा मगर, मिल गई तुझसे नज़र
मिल गया दर्द-ए-जिगर, सुन ज़रा ओ बेख़बर
ज़रा सा हँस के, जो देखा तूने, मैं तेरा बिस्मिल हो गया
गुलाबी आँखें जो तेरी देखी…
