आदमी आदमी को क्या देगा – Aadmi Aadmi Ko Kya Dega, Jagjit, Chitra Singh, Someone Somewhere
“Aadmi Aadmi Ko Kya Dega” एक ऐसी ग़ज़ल है जो अपने सवालों से हमें भीतर तक झकझोर देती है। सुदर्शन फ़ाकिर की शायरी, जगजीत-चित्रा की आत्मीय आवाज़ और इस ग़ज़ल की सादगी मिलकर इसे कालजयी बना देती हैं। यह ग़ज़ल न सिर्फ सुनने की, बल्कि महसूस करने की चीज़ है – हर बार एक नए अर्थ के साथ।

आदमी आदमी को – Aadmi Aadmi Ko Ghazal Credits
- Movie/Album: समवन समवेयर (1986)
- Music : जगजीत सिंह
- Lyrics : सुदर्शन फ़ाकिर
- Singers : जगजीत सिंह, चित्रा सिंह
आदमी आदमी को – Aadmi Aadmi Ko Ghazal Lyrics
आदमी आदमी को क्या देगा
जो भी देगा वही ख़ुदा देगा
मेरा क़ातिल ही मेरा मुन्सिब है
क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा
आदमी आदमी को…
ज़िन्दगी को क़रीब से देखो
इसका चेहरा तुम्हें रुला देगा
आदमी आदमी को…
हमसे पूछो न दोस्ती का सिला
दुश्मनों का भी दिल हिला देगा
आदमी आदमी को…
इश्क़ का ज़हर पी लिया ‘फ़ाकिर’
अब मसीहा भी क्या दवा देगा
आदमी आदमी को…
