Koi Samjhega Kya

कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya, Jagjit Singh, Chitra Singh, Someone Somewhere

“Koi Samjhega Kya” एक बेहद भावनात्मक, संजीदा और दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल है। फ़ना निज़ामी की शायरी, और जगजीत-चित्रा की आत्मीय गायकी इसे सिर्फ गाने या सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव बना देती है।

कोई समझेगा क्या - Koi Samjhega Kya
कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya

कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya Ghazal Credits

  • Movie/Album: समवन समवेयर (1986)
  • Music : जगजीत सिंह
  • Lyrics : फ़ना निज़ामी
  • Singer : जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya Ghazal Lyrics

कोई समझेगा क्या राज़-ए-गुलशन
जब तक उलझे ना काँटों से दामन

यक-ब-यक सामने आना जाना
रुक न जाए कहीं दिल की धड़कन
कोई समझेगा क्या…

गुल तो गुल, ख़ार तक चुन लिए हैं
फिर भी खाली है गुलचीं का दामन
कोई समझेगा क्या…

कितनी आराइश-ए-आशियाना
टूट जाए ना शाख़-ए-नशेमन
कोई समझेगा क्या…

अज़मत-ए-आशियाना बढ़ा दी
बर्क़ को दोस्त समझूँ के दुश्मन
कोई समझेगा क्या…

कोई समझेगा क्या – Koi Samjhega Kya Ghazal

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