देखा तो मेरा साया भी – Dekha To Mera Saaya Bhi, Jagjit Singh, Someone Somewhere
“Dekha To Mera Saaya Bhi” एक बेहद गहरी और आत्मा को छू लेने वाली ग़ज़ल है। अयााज़ झांसवी के सधे हुए शब्द और जगजीत सिंह की गूंजती हुई आवाज़ मिलकर इसे एक अंतर्मन की यात्रा बना देते हैं – जहाँ आदमी खुद से सवाल करता है, खुद से ही जवाब ढूंढता है, और कभी-कभी खुद से ही नाराज़ हो जाता है।

देखा तो मेरा साया भी – Dekha To Mera Saaya Bhi Ghazal Credits
- Movie/Album: समवन समवेयर (1996)
- Music : जगजीत सिंह
- Lyrics : अयाज़ झांसवी
- Singer : जगजीत सिंह
देखा तो मेरा साया भी – Dekha To Mera Saaya Bhi Ghazal Lyrics
देखा तो मेरा साया भी
मुझ से जुदा मिला
सोचा तो हर किसी से
मेरा सिलसिला मिला
देखा तो मेरा साया भी…
शहर-ए-वफ़ा में अब किसे
अहल-ए-वफ़ा कहें
हमसे गले मिला तो
वो ही बेवफ़ा मिला
देखा तो मेरा…
फ़ुर्सत किसे थी
जो मेरे हालात पूछता
हर शख़्स अपने बारे में
कुछ सोचता मिला
देखा तो मेरा…
उसने तो ख़ैर अपनों से
मोड़ा था मुँह ‘अयाज़’
मैंने ये क्या किया कि
मैं ग़ैरों से जा मिला
देखा तो मेरा…
