तमन्ना फिर मचल जाए – Tamanna Phir Machal Jaaye, Jagjit Singh, Soz
“Tamanna Phir Machal Jaaye” एक ऐसी ग़ज़ल है जो इंसान के भीतर की अनकही बातों को जुबान देती है। यह न सिर्फ़ सुनने का अनुभव है, बल्कि महसूस करने का भी एक सफ़र है।

तमन्ना फिर मचल जाए – Tamanna Phir Machal Jaaye
- Movie/Album: सोज़ (2001)
- Music : जगजीत सिंह
- Lyrics : जावेद अख्तर
- Singer : जगजीत सिंह
तमन्ना फिर मचल जाए – Tamanna Phir Machal Jaaye
तमन्ना फिर मचल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
ये मौसम ही बदल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
तमन्ना फिर मचल जाए…
मुझे ग़म है कि मैंने ज़िन्दगी में
कुछ नहीं पाया, मुझे ग़म है
ये ग़म दिल से निकल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े
घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
ये मौसम ही बदल जाए…
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो
सब हमदर्द हैं मेरे, नहीं मिलते हो
ज़माना मुझसे जल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ
तमन्ना फिर मचल जाए…
