मुझे छू रही हैं – Mujhe Chhu Rahi Hain, Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Swayamvar
“Mujhe Chhu Rahi Hain” उन गीतों में से है जो चिल्लाकर नहीं, बल्कि धीरे से दिल में उतरते हैं। यह प्रेम को शब्दों से ज़्यादा अहसास की तरह महसूस कराता है। गुलज़ार की शायरी, रफ़ी-लता की मधुर आवाज़ और लच्छीराम के संवेदनशील संगीत ने इस गीत को एक कालजयी काव्य में बदल दिया है।

मुझे छू रही हैं – Mujhe Chhu Rahi Hain Song Credits
- Movie/Album: स्वयंवर (1980)
- Music By: राजेश रोशन
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर
मुझे छू रही हैं – Mujhe Chhu Rahi Hain Lyrics in Hindi
मुझे छू रही हैं तेरी गर्म साँसें
मेरे रात और दिन महकने लगे हैं
तेरी नर्म साँसों ने ऐसे छुआ है
कि मेरे तो पाँव बहकने लगे हैं
लबों से अगर तुम बुला ना सको तो
निगाहों से तुम नाम ले कर बुला लो
तुम्हारी निगाहें बहुत बोलती हैं
ज़रा अपनी आँखों पे पलकें गिरा दो
मुझे छू रही हैं…
पता चल गया है कि मंज़िल कहाँ है
चलो दिल के लंबे सफर पे चलेंगे
सफर खत्म कर देंगे हम तो वहीं पर
जहाँ तक तुम्हारे कदम ले चलेंगे
मुझे छू रही हैं…
