हवा चले कैसे – Hawa Chale Kaise, Lata Mangeshkar, Daag
“Hawa Chale Kaise” फिल्म हीर रांझा का एक अत्यंत भावनात्मक और काव्यात्मक गीत है, जो विरह की पीड़ा, प्रेम की तड़प और स्त्री मन की संवेदनाओं को अद्भुत कोमलता से दर्शाता है। यह गीत उन भावनाओं की अभिव्यक्ति है जो प्रेमी के बिछड़ने के बाद हर चीज़ को सूना और शून्य बना देती हैं। साहिर लुधियानवी की शायरी, लता मंगेशकर की आवाज़ और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत मिलकर इसे एक कालजयी काव्यगीत का दर्जा देते हैं।

हवा चले कैसे – Hawa Chale Kaise Song Credits
- Movie/Album: दाग (1973)
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : लता मंगेशकर
हवा चले कैसे – Hawa Chale Kaise Song Lyrics in Hindi
हवा चले कैसे
ना तू जाने, ना मैं जानू
जाने वो ही जाने
हवा चले कैसे…
घटा उड़े कैसे
ना तू जाने, ना मैं जानू
जाने वो ही जाने
थामकर एक पंखड़ी का हाथ चुपके-चुपके
फूल से तितली ने की क्या बात चुपके-चुपके
आ ज़रा, करें पता, वो शायद दे बता
हवा चले कैसे…
परबतों के सर पे झूमती घटाएँ
डालिओं को छूती ठण्डी हवाएँ
ख़ामोशी की लय पे गाती फ़िज़ाएँ
मस्तियों में डूबी मीठी सदाएँ
कहो कौन भेजे, कौन लाए (कहाँ से आए)
बोलो, कहाँ को जाए
तुम भी सोचो, मैं भी सोचूँ, मिलजुल के बूझें पहेली
हवा चले कैसे…
बोलो बर्फ की चादर किसने डाली है
बोलो धुंध में ये धूप किसने पाली है
कैसे मीठे सपनों का जादू चलता है
कैसे सूरज ऊगता है, चन्दा ढलता है
तुमको सब मालूम है टीचर, हमको भी बतलाओ ना
सात समंदर पार है एक सतरंगा संसार
उसका जादूगर सरदार, रखता परियों का दरबार
उसको आते खेल हज़ार, करता सब बच्चों से प्यार
जाने, जाने, जाने वो ही जाने
