गिलहरियाँ – Gilehriyaan, Jonita Gandhi, Dangal
“Gilehriyaan” केवल एक गीत नहीं है, यह एक लड़की की आज़ादी का उत्सव है। यह गीत बताता है कि जब कोई स्त्री अपनी सीमाओं को तोड़कर अपनी पहचान बनाने निकलती है, तो उसकी हर मुस्कान, हर कदम, हर उड़ान संगीत बन जाती है। जोनिता गांधी की चंचल गायकी, प्रीतम का फ्रेश संगीत, और अमिताभ भट्टाचार्य के बिंबात्मक बोल इसे महिला सशक्तिकरण और आत्म-अभिव्यक्ति का एक सुंदर प्रतीक बना देते हैं।

गिलहरियाँ – Gilehriyaan Song Credits
Movie/Album: दंगल (2016)
Music : प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics : अमिताभ भट्टाचार्य
Singer : जोनिता गाँधी
गिलहरियाँ – Gilehriyaan Song Lyrics in Hindi
रंग बदल-बदल के क्यूँ चहक रहे हैं दिन दुपहरियाँ
मैं जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना
क्यूँ फुदक-फुदक के धड़कनों की चल रही गिलहरियाँ
मैं जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना
रंग बदल-बदल के…
क्यूँ ज़रा सा मौसम सरफिरा है
या मेरा मूड मसखरा है, मसखरा है
जो ज़ायका मन-मानियों का है
वो कैसा रस भरा है
मैं जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना
क्यूँ हज़ारों गुलमोहर सी
भर गयी है ख्वाहिशों की टहनियाँ
मैं जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना
क्यूँ फुदक-फुदक के…
इक नयी सी दोस्ती, आसमां से हो गयी
ज़मीन मुझसे जल के, मुँह बना के बोले
तू बिगड़ रही है
ज़िन्दगी भी आज कल, गिनतियों से लूम के
गणित के आंकड़ों के साथ
एक-आधा शेर पढ़ रही है
मैं सही ग़लत के पीछे छोड़ के चली कचहरियाँ
मैं जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना, जानूँ ना
क्यूँ फुदक-फुदक के…
