अपनी ऑंखों के समंदर में

अपनी ऑंखों के समंदर में – Apni Aankhon Ke Samandar Mein (Jagjit Singh)

अपनी ऑंखों के समंदर में वायरल गजल  है जिसे जगजीत सिंह  ने गाया है। इस गाने को नज़ीर बाक़री ने लिखा है जबकि संगीत जगजीत सिंह ने दिया है। इसे Saregama Music  यूट्यूब चैनल पर देखा और सुना जा सकता है।

अपनी ऑंखों के समंदर में उतर जाने दे
अपनी ऑंखों के समंदर में उतर जाने दे

अपनी ऑंखों के समंदर में – Apni Aankhon Ke Samandar Mein Lyrics Details

  • Movie/Album : बियाॅण्ड टाइम
  • Year : 1987
  • Music by : जगजीत सिंह
  • Lyrics by : नज़ीर बाक़री
  • Performed by: जगजीत सिंह

अपनी ऑंखों के समंदर में – Apni Aankhon Ke Samandar Mein Lyrics in Hindi

अपनी ऑंखों के समंदर में उतर जाने दे
तेरा मुजरिम हूॅं मुझे डूब के मर जाने दे
अपनी ऑंखों के समंदर में

ऐ नए दोस्त मैं समझूॅंगा तुझे भी अपना
पहले माज़ी का कोई ज़ख़्म तो भर जाने दे
अपनी ऑंखों के समंदर में…

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी
कोई आँसू मेरे दामन पे बिखर जाने दे
अपनी ऑंखों के समंदर में…

ज़ख्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको
सोचता हूॅं के कहूॅं तुझसे, मगर जाने दे
अपनी ऑंखों के समंदर में…

 

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