एक दिन बिक जाएगा – Ek Din Bik Jaega, Mukesh, Dharam Karam
“Ek Din Bik Jaega” हिंदी सिनेमा का वह अमर गीत है, जिसने इंसानी जीवन की क्षणभंगुरता को सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली शब्दों और मधुर संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। यह गीत न केवल फ़िल्म धरम करम का भावनात्मक केंद्र है, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत की सबसे महान रचनाओं में से एक माना जाता है।

एक दिन बिक जाएगा – Ek Din Bik Jaega Song Credits
- Movie/Album: धरम करम (1975)
- Music : आर.डी.बर्मन
- Lyrics : मजरूह सुल्तानपुरी
- Singer : मुकेश
एक दिन बिक जाएगा – Ek Din Bik Jaega Song Lyrics in Hindi
इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल
जग में रह जाएँगे, प्यारे तेरे बोल
दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत
कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक…
अनहोनी पथ में काँटें लाख बिछाए
होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए
ये बिरहा, ये दूरी, दो पल की मजबूरी
फिर कोई दिल वाला काहे को घबराये
तरमपम धारा जो बहती है, मिल के रहती है
बहती धारा बन जा, फिर दुनिया से डोल
एक दिन बिक जाएगा…
परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी
थाम के तेरे मेरे मन की डोरी
ये डोरी ना छूटे, ये बन्धन ना टूटे
भोर होने वाली है, अब रैना है थोड़ी
तरमपम सर को झुकाए तू, बैठा क्या है यार
गोरी से नैना जोड़, फिर दुनिया से डोल
एक दिन बिक जाएगा…
