गुज़रे हैं आज इश्क़ में – Guzre Hain Aaj Ishq Me, Md.Rafi, Dil Diya Dard Liya
“Guzre Hain Aaj Ishq Me” फ़िल्म दिल दिया दर्द लिया का एक अत्यंत भावनात्मक और दर्द से लबरेज़ गीत है, जो मोहब्बत में मिले धोखे और पीड़ा को गहराई से प्रस्तुत करता है। नौशाद अली की क्लासिकल शैली में सजी धुन, शकील बदायुनी की दर्दभरी शायरी और मोहम्मद रफ़ी की आत्मा को झकझोर देने वाली गायकी, इन सबका मेल इसे एक शाश्वत शोकगीत बना देता है।

गुज़रे हैं आज इश्क़ में – Guzre Hain Aaj Ishq Me Song Credits
- Movie/Album: दिल दिया दर्द लिया (1966)
- Music : नौशाद अली
- Lyrics : शकील बदायुनी
- Singer : मो.रफ़ी
गुज़रे हैं आज इश्क़ में – Guzre Hain Aaj Ishq Me Song Lyrics in Hindi
गुज़रे हैं आज इश्क़ में
हम उस मक़ाम से
नफ़रत-सी हो गई है
मुहब्बत के नाम से
गुज़रे हैं
हमको न ये गुमान था
ओ संगदिल सनम
राह-ए-वफ़ा से तेरे
बहक जाएँगे क़दम
छलकेगा ज़हर भी
तेरी आँखों के जाम से
गुज़रे हैं आज इश्क़ में…
ओ बेवफ़ा, तेरा भी
यूँ ही टूट जाए दिल
तू भी तड़प-तड़प के
पुकारे के हाय दिल
तेरा भी सामना हो कभी
ग़म की शाम से
हम वो नहीं जो प्यार में
रो कर गुज़ार दें
परछाई भी हो तेरी तो
ठोकर पे मार दें
वाक़िफ़ हैं हम भी ख़ूब
हर एक इंतक़ाम से
गुज़रे हैं आज इश्क़ में…
