सौ तरह के रोग – Sau Tarah Ke Rog, Amit Mishra, Jonita Gandhi, Dishoom
“Sau Tarah Ke Rog” एक ऐसा गाना है जो इश्क़ की दीवानगी और दर्द को क्लबबी और स्टाइलिश अंदाज़ में पेश करता है। प्रीतम की म्यूजिक, कुमार के बोल और अमित-जोनिता की आवाज़ इस गाने को सुपरहिट बनाते हैं।

सौ तरह के रोग – Sau Tarah Ke Rog Song Credits
- Movie/Album: ढिशूम (2016)
- Music: प्रीतम चक्रबर्ती
- Lyrics: कुमार
- Singer : अमित मिश्रा, जोनिता गाँधी
सौ तरह के रोग – Sau Tarah Ke Rog Song Lyrics in Hindi
कल सुबह सोचेंगे जो आज रात किया
कल सुबह गिन लेंगे सारी गलतियाँ
तू मेरा अभी हो जाना अजनबी
फिर हम मिलेंगे ना कभी
कल सुबह चले जायेंगे है घर जहाँ
कल सुबह बोले जो भी बोलेगा जहां
तू मेरा अभी हो जाना अजनबी
फिर हम मिलेंगे ना कभी
सौ तरह के रोग ले लूँ
इश्क़ का मर्ज़ क्या है
तू कहे तो जान दे दूँ
कहने में हर्ज़ क्या है
सौ तरह के…
बाहों को बाहों में दे दे तू जगह
तुझसे तो दो पल का मतलब है मेरा
तेरे जैसे ही मेरा भी दिल खुदगर्ज़-सा है
तू कहे तो जान…
कल सुबह तक झूठा वाला प्यार करें
कल सुबह तक झूठी बातें चार करें
तू मेरा अभी…
