एक शरारत होने को है – Ek Shararat Hone Ko Hai, Kavita Krishnamurthy, Kumar Sanu, Duplicate
“Ek Shararat Hone Ko Hai” एक ऐसा गीत है जो न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि दिल में एक हल्की मुस्कान भी छोड़ जाता है। कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति की आवाज़ें, अनु मलिक की मनमोहक धुन और जावेद अख्तर की शरारत भरी शायरी, तीनों मिलकर इस गीत को 90 के दशक की रोमांटिक धुनों में एक ख़ास मुकाम दिलाते हैं।

एक शरारत होने को है – Ek Shararat Hone Ko Hai Song Credits
- Movie/Album: डुप्लीकेट (1998)
- Music : अनु मलिक
- Lyrics : जावेद अख्तर
- Singers : कविता कृष्णामूर्ति, कुमार सानू
एक शरारत होने को है – Ek Shararat Hone Ko Hai Song Lyrics in Hindi
एक शरारत होने को है
एक क़यामत होने को है
होश हमारे खोने को है
हमको मोहब्बत होने को है
ल लाइ ल लाइ ला लाइ…
एक शरारत होने को है…
चलते हैं गाते-गाते, सोचा न जाते-जाते
जायेंगे दोनों हम कहाँ
आँखों में हल्के-हल्के, सपने हैं झलके कल के
सब इश्क़ के हैं ये निशाँ
हो, तुम अब ये मानो, या ना मानो मेरी जाँ
एक शरारत होने को है…
तुम तो हो भोले-भोले, अब तक जो बोले-बोले
आगे ना कहना दास्ताँ
दुनिया में कैसे-कैसे, हैं लोग ऐसे-वैसे
दुश्मन हैं दिल के सब यहाँ
हो, तुम अब ये जानो, या ना जानो मेरी जाँ
एक शरारत होने को है…
