मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे – Murga Murgi Pyar Se Dekhe, Lata Mangeshkar, Do Kaliyan
“Murga Murgi Pyar Se Dekhe” 1968 में रिलीज़ हुई पारिवारिक और भावनात्मक फिल्म दो कलियाँ का एक बेहद प्यारा और मासूमियत से भरा गीत है। यह गीत बच्चों की दुनिया की मासूम झलक को खूबसूरत अंदाज़ में पेश करता है, जिसमें जानवरों की गतिविधियों के ज़रिए इंसानी रिश्तों की गहराई और भावना दिखाई गई है। गीत को लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है, जो इसकी मासूमियत और मोहकता को और बढ़ा देती है।

मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे – Murga Murgi Pyar Se Dekhe Song Credits
- Movie/Album: दो कलियाँ (1968)
- Music : रवि
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : लता मंगेशकर
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे – Murga Murgi Pyar Se Dekhe Song Lyrics in Hindi
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे, नन्हाँ चूज़ा खेल करे
मैं किसको बोलूँ जो मेरे मात-पिता का मेल करे
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे…
चिड़िया ओर चिड़ा मिलजुल कर दाना-दुनका लाये
अपने छोटे से बच्चे को खोल के चोंच खिलाये
मैं जब अपने भाग को सोचूँ, आँख में आँसू आये
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे…
साथ के घर का नन्हाँ बच्चा, मात-पिता संग खेले
मेरा बचपन मात-पिता की दूरी का दुःख झेले
कोई मुझे वैसा घर दे दे, महल दो-महलें ले ले
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे…
बड़ों के आगे बात करें, ये हम बच्चों का काम नहीं
जब तक उनका मन न पिघले, अपने लिए आराम नहीं
उस घर में क्या रहना, जिसमें सीता के संग राम नहीं
मुर्गा-मुर्गी प्यार से देखे…
