कोई लौटा दे मेरे – Koi Lauta De Mere, Kishore Kumar, Door Gagan Ki Chhaaon Mein
“Koi Lauta De Mere bitr huye din” फ़िल्म दूर गगन की छाँव में का एक बेहद मार्मिक, आत्मा को झकझोर देने वाला गीत है। यह गाना किशोर कुमार के जीवन और कला के सबसे भावनात्मक गीतों में गिना जाता है। इस गीत में एक टूटे हुए इंसान की पीड़ा, उसकी यादें और उसका अकेलापन इतने सच्चे तरीके से झलकते हैं कि श्रोता स्वयं को गीत का हिस्सा महसूस करने लगता है।

कोई लौटा दे मेरे – Koi Lauta De Mere Song Credits
Movie/Album: दूर गगन की छाँव में (1964)
Music : किशोर कुमार
Lyrics : शैलेन्द्र
Singer : किशोर कुमार
कोई लौटा दे मेरे – Koi Lauta De Mere Song Lyrics in Hindi
अलबेले दिन प्यारे
मेरे बिछड़े साथ सहारे
हाय! कहाँ गये
हाय! कहाँ गये
आँखों के उजियारे
मेरी सूनी रात के तारे
हाय! कहाँ गये
कोई लौटा दे मेरे, बीते हुए दिन
बीते हुए दिन वो, प्यारे पल छिन
कोई लौटा दे मेरे…
मेरे ख्वाबों के महल, मेरे सपनों के नगर
पी लिया जिनके लिये मैंने जीवन का ज़हर
आज मैं ढूँढूं कहाँ, खो गये जाने किधर
बीते हुए दिन…
मैं अकेला तो ना था, थे मेरे साथी कई
एक आँधी सी उठी, जो भी था लेके गई
ऐसे भी दिन थे कभी, मेरी दुनिया थी मेरी
बीते हुए दिन…
