फूल गेंदवा न मारो – Phool Gendwa Na Maaro, Manna Dey, Dooj Ka Chand
“Phool Gendwa Na Maaro” सिर्फ एक गीत नहीं है, यह एक भावनात्मक दस्तावेज़ है जो सहिष्णुता, इंसानियत और समझदारी का पैग़ाम देता है। रोशन का संगीत, मन्ना डे की भावपूर्ण आवाज़ और साहिर की संवेदनशील कलम — इन तीनों ने मिलकर इसे अमर बना दिया है।

फूल गेंदवा न मारो – Phool Gendwa Na Maaro Song Credits
- Movie/Album: दूज का चाँद (1964)
- Music : रोशन
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : मन्ना डे
फूल गेंदवा न मारो – Phool Gendwa Na Maaro Song Lyrics in Hindi
अजी फुल गेन्दवा न मारो, न मारो
लगत करेजवा में चोट
दूँगी मैं दुहाई
काहे चतुर बनत
ठिठोरी करत हरजाई
फूल गेंदवा न मारो…
हे दहका हुआ ये अंगारा, अंगारा
दहका हुआ ये अंगारा
जो गेन्दवा कहलाये है
अजी तन पर जहाँ गिरे पापी
वहीं दाग़ पड़ जाये है
अंग-अंग मोरा पीर करे
और करके कहे
फुल गेन्दवा न मारो…
रुक जाओ, रुक जाओ
रुक जाओ, रुक जाओ
रुक जाओ
ना सताओ मोहे जुलमी बलम, ओ बलम
मान जाओ बिनती अबला की
देखो-देखो अब दूँगी दुहाई
काहे चतुर बनत
ठिठोरी करत हरजाई
फुल गेन्दवा न मारो
न मारो, न मारो, न
प प ध
ध ध ध, ध ध ध, ध नि ध
प म ग प म
ग म ग रे स
सं स सं स सं स
फुल गेन्दवा न मारो
न मारो -३
लगत करेजवा में चोट
करेजवा में चोट, करेजवा में चोट
सं गं, गं रें, रें सं
सं मं, मं गं, गं रें, रें सं
सं नि नि नि, सं ध ध ध, सं प प
प सं प सं प सं प सं
प नि म
फुल गेन्दवा न -३
न मारो -३
अरे फुल गेन्दवा न मारो…
