बेकरार-ए-दिल – Bekarar-e-Dil (Kishore Kumar, Sulakshana Pandit, Door Ka Raahi
ए. इरशाद ने Bekarar-e-Dil गीत के ज़रिए दिल की बेकरारी, इंतज़ार और प्रेम की बेचैनी को बड़ी संजीदगी से लिखा है। “बेकरार-ए-दिल तू गाए जा, प्यार के तराने लुटाए जा…” यह पंक्ति खुद में एक भावनात्मक पुकार है, मानो प्रेम दिल में ठहरता नहीं, बल्कि गीत बनकर बह जाता है। बोलों में ना केवल प्रेम, बल्कि उसकी तड़प, चाहत और खो जाने का डर भी छिपा है। यह गीत हर उस दिल के लिए है जो सच्चे प्रेम की तलाश में है।

बेकरार-ए-दिल – Bekarar-e-Dil Song Credits
Movie/Album: दूर का राही (1971)
Music : किशोर कुमार
Lyrics : ए.इरशाद
Singer : किशोर कुमार, सुलक्षणा पंडित
बेकरार-ए-दिल – Bekarar-e-Dil Song Lyrics in Hindi
बेकरार-ए-दिल तू गाये जा
खुशियों से भरे वो तराने
जिन्हें सुन के दुनियाँ झूम उठे
और झूम उठे दिल दीवाने
बेकरार-ए-दिल तू…
राग हो कोई मिलन का
सुख से भरी सरगम का
युग-युग के बंधन का
साथ हो लाखों जनम का
ऐसे ही बहारें गाती रहें
और सजते रहें वीराने
जिन्हें सुन के…
रात यूँ ही थम जायेगी
रुत ये हसीं मुस्काएगी
बँधी कली खिल जायेगी
और शबनम शरमायेगी
प्यार के वो ऐसे नगमें
जो बन जाएँ अफ़साने
जिन्हें सुन के…
दर्द में डूबी धुन हो
सीने में एक सुलगन हो
साँसों में हलकी चुभन हो
सहमी हुई धड़कन हो
दोहराते रहें बस गीत नये
दुनिया से रहें बेगाने
जिन्हें सुन के…
