अब कोई गुलशन – Ab Koi Gulshan (Md.Rafi, Mujhe Jeene Do)
फिल्म ‘मुझे जीने दो’ का गाना ‘Ab Koi Gulshan’ एक अमर गीत है जिसने भारतीय सिनेमा और संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। इस गाने का भावार्थ और संगीत की गहराई ने इसे एक अमर धरोहर बना दिया है। 1963 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘मुझे जीने दो’ एक क्लासिक बॉलीवुड फिल्म है, जिसका निर्देशन मोंटी शर्मा ने किया था। फिल्म की कहानी एक डाकू और उसके प्रेम की जटिलताओं पर आधारित है। सुनील दत्त और वहीदा रहमान ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है।

अब कोई गुलशन – Ab Koi Gulshan Song Details
- Movie/Album: मुझे जीने दो
- Year : 1963
- Music By: जयदेव
- Lyrics By: साहिर लुधियानवी
- Performed By: मोहम्मद रफ़ी
अब कोई गुलशन – Ab Koi Gulshan Lyrics in Hindi
अब कोई गुलशन ना उजड़े
अब वतन आज़ाद है
रूह गंगा की
हिमाला का बदन आज़ाद है
खेतियाँ सोना उगाएँ, वादियाँ मोती लुटाएँ
आज गौतम की ज़मीं, तुलसी का बन आज़ाद है
अब कोई गुलशन ना…
मंदिरों में शंख बाजे, मस्जिदों में हो अज़ान
शैख़ का धर्म और दीन-ए-बरहमन आज़ाद है
अब कोई गुलशन ना…
लूट कैसी भी हो अब इस देश में रहने न पाए
आज सब के वास्ते धरती का धन आज़ाद है
अब कोई गुलशन ना…
