आज कल पाँव ज़मीं पर – Aaj Kal Paanv Zameen Par, Lata Mangeshkar, Ghar
“Aaj Kal Paanv Zameen Par” फिल्म घर का एक मधुर और रोमांटिक गीत है, जिसे लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज़ में गाया है। गुलज़ार के दिल को छू लेने वाले बोल और आर. डी. बर्मन के संगीत निर्देशन में यह गीत प्रेम और भावनाओं की गहराई को दर्शाता है।

आज कल पाँव ज़मीं पर – Aaj Kal Paanv Zameen Par Song Credits
- Movie/Album: घर (1978)
- Music By: आर.डी.बर्मन
- Lyrics : गुलज़ार
- Singer : लता मंगेशकर
आज कल पाँव ज़मीं पर – Aaj Kal Paanv Zameen Par Song Lyrics in Hindi
आज कल पाँव ज़मीं पर नहीं पड़ते मेरे
बोलो देखा है कभी तुमने मुझे उड़ते हुए
जब भी थामा है तेरा हाथ तो देखा है
लोग कहते हैं के बस हाथ की रेखा है
हमने देखा है दो तक़दीरों को जुड़ते हुए
आज कल पाँव…
नींद सी रहती है, हलका सा नशा रहता है
रात-दिन आँखों में इक चेहरा बसा रहता है
पर लगी आँखों को देखा है कभी उड़ते हुए
आज कल पाँव…
जाने क्या होता है हर बात पे कुछ होता है
दिन में कुछ होता है और रात में कुछ होता है
थाम लेना जो कभी देखो हमें उड़ते हुए
आज कल पाँव…
