या अली – Ya Ali, Zubeen Garg, Gangster
“Ya Ali” एक ऐसा गीत है जो इंसान के अंदरूनी दर्द और उसकी रूह की पुकार को बयां करता है। ज़ुबीन गर्ग की गूँजती हुई आवाज़, प्रीतम की रूहानी धुन और मयूर पूरी की भावनाओं से भरी कलम, इस गीत को एक सुफ़ियाना इबादत में बदल देती है।

या अली – Ya Ali Song Credits
- Movie/Album: गैंगस्टर (2006)
- Music By: प्रीतम चक्रवर्ती
- Lyrics : मयूर पूरी
- Singer : ज़ुबीन
या अली – Ya Ali Song Lyrics in Hindi
या अली रहम अली, या अली
यार पे कुर्बान है सभी
या अली मदद अली
या अली ये मेरी जान ये ज़िन्दगी
इश्क पे हाँ, मिटा दूं, लुटा दूं, मैं अपनी खुदी
यार पे हाँ, लुटा दूं, मिटा दूं, मैं ये हस्ती
या अली…
मुझे कुछ पल दे कुर्बत के
फ़कीर हम तेरी चाहत के
रहे बेचैन दिल कब तक
मिले कुछ पल तो राहत के
चाहत पे, इश्क पे हाँ
मिटा दूं, लुटा दूं, मैं अपनी खुदी
यार पे हाँ, लुटा दूं, मिटा दूं, मैं ये हस्ती
या अली…
बिना तेरे न इक पल हो
न बिन तेरे कभी कल हो
ये दिल बन जाये पत्थर का
न इसमें कोई हलचल हो
सनम पे हाँ, इश्क पे हाँ
मिटा दूं, लुटा दूं, मैं अपनी खुदी
कसम से हाँ, लुटा दूं, मिटा दूं, मैं ये हस्ती
या अली..
