कह दो कोई ना करे यहाँ प्यार – Keh Do Koi Na Kare Yahan Pyar Song Md.Rafi, Goonj Uthi Shehnai
“Keh Do Koi Na Kare Yahan Pyar” एक भावुक और करुण गीत है, जो प्रेम में मिले विरह, धोखे और टूटे सपनों की पीड़ा को गहराई से व्यक्त करता है। इस गीत में मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ प्रेम के जले हुए पन्नों की तरह सुनाई देती है जहां हर सुर में आंसू और सच्चाई का मेल है।

कह दो कोई ना करे यहाँ प्यार – Keh Do Koi Na Kare Yahan Pyar Song Credits
- Movie/Album: गूँज उठी शहनाई (1959)
- Music : वसंत देसाई
- Lyrics : भरत व्यास
- Singer : मो.रफ़ी
कह दो कोई ना करे यहाँ प्यार – Keh Do Koi Na Kare Yahan Pyar Song Lyrics in Hindi
बिखर गए बचपन के सपने
अरमानों की शाम ढले
कहीं सजे बारात किसी की
कहीं किसी का प्यार जले
कह दो कोई न करे यहाँ प्यार
इसमें ख़ुशियाँ हैं कम, बेशुमार हैं ग़म
इक हँसी और आँसू हज़ार
कह दो कोई ना…
प्रीत पतंगा दीये से करे
उसकी ही लौ में वो जल-जल मरे
मुश्किल राहें यहाँ, अश्क और आहें यहाँ
इसमें चैन नहीं, ना करार
कह दो कोई ना…
हमने तो समझा था फूल खिले
चुन-चुन के देखा तो काँटे मिले
ये अनोखा जहां, हरदम धोखा यहाँ
इस वीराने में कैसी बहार
कह दो कोई ना….
