दिन ढल जाये – Din Dhal Jaaye (Md.Rafi, Guide)
“Din Dhal Jaaye” भारतीय सिनेमा के सबसे मार्मिक और भावनात्मक गीतों में गिना जाता है। यह गीत प्रेम में पीड़ित आत्मा की पुकार है, जो मोहब्बत के इंतज़ार और उसके अधूरेपन को शब्द देता है। फिल्म गाइड के इस गीत ने ना केवल मोहम्मद रफ़ी की गायकी को अमर किया, बल्कि शैलेन्द्र और एस.डी. बर्मन की कला को भी शिखर पर पहुँचा दिया।

दिन ढल जाये – Din Dhal Jaaye Song Credits
- Movie/Album: गाईड (1965)
- Music : एस.डी.बर्मन
- Lyrics : शैलेन्द्र
- Singer : मो.रफ़ी
दिन ढल जाये – Din Dhal Jaaye Song Lyrics in Hindi
दिन ढल जाये हाय, रात ना जाए
तू तो न आए तेरी, याद सताये
दिन ढल जाये हाय
प्यार में जिनके, सब जग छोड़ा और हुए बदनाम
उनके ही हाथों, हाल हुआ ये, बैठे हैं दिल को थाम
अपने कभी थे, अब हैं पराये
दिन ढल जाये…
ऐसी ही रिमझिम, ऐसी फ़ुहारें, ऐसी ही थी बरसात
खुद से जुदा और जग से पराये, हम दोनों थे साथ
फिर से वो सावन, अब क्यूँ न आये
दिन ढल जाये…
दिल के मेरे, पास हो इतने, फिर भी हो कितनी दूर
तुम मुझसे, मैं दिल से परेशाँ, दोनों हैं मजबूर
ऐसे में किसको, कौन मनाये
दिन ढल जाये…
