यारा मौला – Yaara Maula (Rahul Ram, Ashim Chakraborty, Gulaal
“Yaara Maula” फिल्म गुलाल का एक सशक्त, भावनात्मक और क्रांतिकारी गीत है, जिसे पियूष मिश्रा ने न केवल लिखा और संगीतबद्ध किया, बल्कि उसकी आत्मा को भी स्वर दिया। राहुल राम और अशीम चक्रवर्ती की दमदार आवाज़ें इस गीत को एक दर्दभरा सवाल और आत्ममंथन में बदल देती हैं। यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक पुकार है व्यवस्था से, समाज से, और खुद अपने ज़मीर से।

यारा मौला – Yaara Maula Song Credits
- Movie/Album: गुलाल (2009)
- Music : पियूष मिश्रा
- Lyrics : पियूष मिश्रा
- Singers : राहुल राम, अशीम चक्रबर्ती
यारा मौला – Yaara Maula Song Lyrics in Hindi
यारा मौला
हाँ-हाँ यादों में है अब भी
क्या सुरीला वो जहां था
हमारे हाथों में रंगीन गुब्बारे थे
और दिल में महकता समां था
यारा मौला
वो तो ख्वाबों की थी दुनिया
वो किताबों की थी दुनिया
सांस में थे मचलते हुए ज़लज़ले
आँख में वो सुहाना नशा था
यारा मौला
वो ज़मीं थी, आसमां था
हमको लेकिन क्या पता था
हम खड़े थे जहाँ पर
उसी के किनारे पे गहरा सा अँधा कुआँ था
यारा मौला
फिर वो आये भीड़ बनकर
हाथ में थे उनके खंजर
बोले फेंको ये किताबें
और सम्भालों ये सलाखें
ये जो गहरा सा कुआँ है
हाँ-हाँ अँधा तो नहीं है
इस कुँए में है खज़ाना
कल की दुनिया तो यहीं है
कूद जाओ लेके खंजर
काट डालो जो हो अन्दर
तुम ही कल के हो शिवाजी
तुम ही कल के हो सिकंदर
हमने वो ही किया जो उन्होंने कहा
क्यूंकि उनकी तो ख्वाहिश यही थी
हम नहीं जानते ये भी क्यूँ ये किया
क्यूंकि उनकी फरमाइश यही थी
अब हमारे लगा ज़ायका खून का
अब बताओ करें तो करें क्या
नहीं है कोई जो हमें कुछ बताये
बताओ करें तो करें क्या…
