हे नीले गगन के तले – He Neele Gagan Ke Tale, Mahendra Kapoor, Hamraaz
“He Neele Gagan Ke Tale” एक ऐसा गीत है जो प्रेम को केवल दो व्यक्तियों के बीच का संबंध नहीं, बल्कि एक व्यापक, दिव्य अनुभव की तरह दर्शाता है। यह गीत प्रेम, प्रकृति और आत्मा के मिलन का उत्सव है, जिसमें नीला आकाश, हवाएं, और धरती सभी साक्षी बनते हैं। रवि का कर्णप्रिय संगीत, साहिर लुधियानवी की संवेदनशील शायरी और महेंद्र कपूर की बुलंद आवाज़ इन तीनों ने मिलकर इस गीत को अविस्मरणीय बना दिया है।

हे नीले गगन के तले – He Neele Gagan Ke Tale Song Crdits
- Movie/Album: हमराज़ (1967)
- Music : रवि
- Lyrics : साहिर लुधियानवी
- Singer : महेंद्र कपूर
हे नीले गगन के तले – He Neele Gagan Ke Tale Song Hindi Lyrics
हे नीले गगन के तले
धरती का प्यार पले
ऐसे ही जग में आती हैं सुबहें
ऐसे ही शाम ढले
शबनम के मोती, फूलों पे बिखरे
दोनों की आस फले
हे नीले गगन के तले…
बलखाती बेलें, मस्ती में खेलें
पेड़ों से मिलके गले
हे नीले गगन के तले…
नदियाँ का पानी, दरिया से मिलके
सागर की ओर चले
हे नीले गगन के तले…
