कंजूस – Kanjoos, Mika Singh, Gulabo Sitabo
फिल्म गुलाबो सिताबो का गीत “Kanjoos” एक हँसी-मज़ाक से भरपूर, कटाक्ष से लिपटा हुआ लोकप्रभावित गीत है, जो लखनऊ की गलियों, किराए के मकानों और ‘किफायत’ के नाम पर पाई-पाई जोड़ने वाले किरदारों को बेहद रचनात्मक अंदाज़ में दर्शाता है। इस गीत के माध्यम से निर्देशक ने फिल्म के मुख्य पात्र मिर्ज़ा की मितव्ययिता और लोभ को चुटीले अंदाज़ में उजागर किया है।

कंजूस – Kanjoos Song Credits
- Movie/Album: गुलाबो सिताबो (2020)
- Music : शान्तनु मोइत्रा
- Lyrics : पुनीत शर्मा
- Singer : मीका सिंह
कंजूस – Kanjoos Song Lyrics in Hindi
जेब में ना हाथ डाले
दूसरों का माल खा ले
खर्चे सुन के खाँसने लग जाये रे
चाय में मक्खी जो गिरे
मक्खी चूस के निकाले
चाहे किसी और की हो चाय रे
आँसू बचाने के लिए करे नहीं क्राय
ओके वाले टेक्स्ट को भी के में ही निपटाए
आँसू बचाने के लिए करे नहीं क्राय
ओके वाले टेक्स्ट को भी के में ही निपटाए
अकल कितनी, हो अकल कितनी
अकल कितनी हो खर्च करे कंजूस हाय
अकल कितनी हो खर्च करे कंजूस हाय
हो रोटी पानी घर के लिए जेल चला जाएगा
मुफ्त में जाने को मिले हैल चला जाएगा
सोच के ये घर में कभी करता नहीं रोशनी
लालटेन चलेगी तो तेल चला जायेगा
हाय घर पे भी जो बुलाता है
मेहमानों को खिलाता है
शक्कर चावल दूध बिना खीर वो
अगर हुआ मर्ज़ कहीं
पैसा करे खर्च नहीं
ताकि साला मर सके अमीर वो
आँसू बचाने के लिए…
