आ चाॅंदनी भी – Aa Chandni Bhi, Hariharan, Gulfaam
“Aa Chandni Bhi” उन दुर्लभ गीतों में से है जिन्हें शब्दों से बयान करना मुश्किल होता है। इसे बस सुनना नहीं, महसूस करना होता है। हरिहरन की बेमिसाल गायकी, बशीर बद्र के मार्मिक शब्द और आत्मा को छूने वाला संगीत इसे श्रोताओं के दिल में अमिट बना देते हैं।

आ चाॅंदनी भी – Aa Chandni Bhi Song Credits
- Movie/Album: गुलफ़ाम (1994)
- Music : हरिहरन
- Lyrics : बशीर बद्र
- Singer : हरिहरन
आ चाॅंदनी भी – Aa Chandni Bhi Song Lyrics in Hindi
आ चाॅंदनी भी मेरी तरह जाग रही है
पलकों पे चराग़ों को लिए रात खड़ी है
आ चाॅंदनी भी…
वो माथे का मतला हो के होठों के दो मिसरे
बचपन से ग़ज़ल ही मेरी महबूब रही है
पलकों पे…
गज़लों ने वही जुल्फों के फैला दिए साये
जिन राहों पे देखा कि बहुत धूप कड़ी है
पलकों पे…
हम दिल्ली भी हो आए हैं लाहौर भी घूमे
ऐ यार मगर तेरी गली, तेरी गली है
पलकों पे…
