Oriye Oriye Madhu Chuye – ओरिए ओरिए मधु चुए Song, Pawan Singh & Palak
“Oriye Oriye Madhu Chuye” एक अविस्मरणीय छठ भजन है जो हर सुनने वाले के दिल में भक्ति की गहराई छोड़ जाता है। पवन सिंह और पलक की जोड़ी ने इस गीत को अपनी आवाज़ से और भी पवित्र, मधुर और भावपूर्ण बना दिया है। पारंपरिक बोलों ने इसमें वो लोक-सुगंध भरी है जो इसे सदियों तक अमर बनाए रखेगी।

Oriye Oriye Madhu Chuye – ओरिए ओरिए मधु चुए Song Details
- Song Title – Oriye Oriye Madhu Chuye
- Singer – Pawan Singh & Palak
- Lyrics – Traditional
- Music Label – Wave Music
Oriye Oriye Madhu Chuye – ओरिए ओरिए मधु चुए Song Lyrics in Hindi
चलs भईया हो तुहु छठ माई के घाटे !
चलs भईया हो तुहु छठ माई के घाटे !
पानी बरसे चली आंधी बुनी आईल !
गरजी गरजी देव बरिसेले
ओरिए ओरिए मधु चुए
ओरिए ओरिए मधु चुए !
ओरिए ओरिए मधु चुए !
पनिया से भरली डगरिया तs
कईसे जईबू छठी घाटे
कईसे जईबू छठी घाटे !
कईसे जईबू छठी घाटे !
गरजी गरजी देव बरिसेले
ओरिए ओरिए मधु चुए
ओरिए ओरिए मधु चुए !
ओरिए ओरिए मधु चुए !
मथवा पs लेई के दउरवा तs
चली स्वामी छठी घाटे
चली स्वामी छठी घाटे !
चली स्वामी छठी घाटे !
लागता की आई जाई बदरी जमीन पs
काहे के कुपित देव भईले एहि दिन पs
लागता की आई जाई बदरी जमीन पs
काहे के कुपित देव भईले एहि दिन पs
सुनसान लागता नगरिया तs
कही नाही गीत गूंजे
कही नाही गीत गूंजे !
कही नाही गीत गूंजे !
चलs भईया हो तुहु छठ माई के घाटे !
चलs भईया हो तुहु छठ माई के घाटे !
पानी बरसे चली आंधी बुनी आईल !
महिमा महान छठ मईया के भारी
खुश होके रउवा करी चले के तैयारी
महिमा महान छठ मईया के भारी
खुश होके रउवा करी चले के तैयारी
लागले में फाटी ई बदरिया तs
लागी लोग झूमी गावे
लागी लोग झूमी गावे !
लागी लोग झूमी गावे !
अरघ के बेरा भईल करs ना कुबेरवा
भईले अंजोर धरs माथ पs दउरवा
अरघ के बेरा भईल करs ना कुबेरवा
भईले अंजोर धरs माथ पs दउरवा
बबुआ के लेलs तुहु गोदिया तs
उखिया हम लेहब कान्हे
उखिया हम लेहब कान्हे !
उखिया हम लेहब कान्हे !
गरजी गरजी देव बरिसेले
ओरिए ओरिए मधु चुए
ओरिए ओरिए मधु चुए !
ओरिए ओरिए मधु चुए !
पनिया से भरली डगरिया तs
कईसे जईबू छठी घाटे
कईसे जईबू छठी घाटे !
कईसे जईबू छठी घाटे !
गरजी गरजी देव बरिसेले
ओरिए ओरिए मधु चुए
ओरिए ओरिए मधु चुए !
ओरिए ओरिए मधु चुए !
मथवा पs लेई के दउरवा तs
चली स्वामी छठी घाटे
चली स्वामी छठी घाटे !
चली स्वामी छठी घाटे !
