निंदिया से जागी बहार – Nindiya se Jaagi Bahar, Lata Mangeshkar, Hero
“Nindiya se Jaagi Bahar” यह गीत प्रेम की कोमल भावनाओं और नई उमंगों से भरे दिल की कहानी कहता है। इसमें एक प्रेमिका के मन के जागरण, उसके सपनों और प्रेम के आरंभिक एहसासों को बड़ी खूबसूरती से व्यक्त किया गया है। लता मंगेशकर की मीठी और भावपूर्ण आवाज़ ने इस गीत को और भी मोहक बना दिया है। लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल के सुरीले संगीत और आनंद बक्षी के सधे हुए शब्दों ने मिलकर इस गीत को अमर बना दिया है।

निंदिया से जागी बहार – Nindiya se Jaagi Bahar Song Credits
- Movie/Album: हीरो (1983)
- Music : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
- Lyrics : आनंद बक्षी
- Singer : लता मंगेशकर
निंदिया से जागी बहार – Nindiya se Jaagi Bahar Song Lyrics in Hindi
निंदिया से जागी बहार
ऐसा मौसम देखा पहली बार
कोयल कूके-कूके, गाये मल्हार
निंदिया से जागी बहार…
प नि सं प, प नि प सं
मैं हूँ अभी कमसिन-कमसिन
नि ध नि ध म प
प म प म र ग
ग र ग र ऩ स ग प
जानूँ ना कुछ इस बिन, इस बिन
रातें जवानी की, बाली उमर के दिन
कब क्या हो नहीं ऐतबार
ऐसा मौसम देखा…
कैसी ये रुत आई, रुत आई
सुन के मैं शरमाई-शरमाई
कानों में कह गयी क्या, जाने ये पुरवाई
पहने फूलों ने किरणों के हार
ऐसा मौसम देखा…
निंदिया से जागी बहार…
