हर तरफ अब यही अफसाने हैं – Har Taraf Ab Yahi Afsaane Hain, Manna Dey, Hindustan Ki Kasam
“Har Taraf Ab Yahi Afsaane Hain” एक क्लासिक और भावनात्मक गीत है जो प्यार, दर्द और जुदाई की गहराइयों को बेहद खूबसूरती से बयां करता है। यह गाना उन गीतों में से है जो सुनते ही दिल के किसी कोने को छू जाता है। मदन मोहन के संगीत, कैफ़ी आज़मी के शायराना बोल और मन्ना डे की गहरी आवाज़ तीनों ने मिलकर इस गीत को अमर बना दिया है।

हर तरफ अब यही अफसाने हैं – Har Taraf Ab Yahi Afsaane Hain Song Credits
- Movie/Album: हिंदुस्तान की कसम (1973)
- Music : मदन मोहन
- Lyrics : कैफ़ी आज़मी
- Singer : मन्ना डे
हर तरफ अब यही अफसाने हैं – Har Taraf Ab Yahi Afsaane Hain Song
हर तरफ अब यही अफसाने हैं
हम तेरी आँखों के दीवाने हैं
कितनी सच्चाई हैं इन आँखों में
खोटे सिक्के भी खरे हो जाये
तू कभी प्यार से देखे जो उधर
सूखे जंगल भी हरे हो जाये
बाग़ बन जाये जो वीराने हैं
हम तेरी आँखों…
एक हल्का सा इशारा इनका
कभी दिल और कभी जाँ लूटेगा
किस तरह प्यास बुझेगी उसकी
किस तरह उसका नशा टूटेगा
जिसकी किस्मत में ये पैमाने हैं
हम तेरी आँखों…
नीची नज़रों में हैं इतना जादू
हो गये पल में कई ख्वाब जवां
कभी उठने कभी झुकने की अदा
ले चली जाने किधर जाने कहाँ
रास्ते प्यार के अनजाने हैं
हम तेरी आँखों…
