ऐ नाज़नीं सुनो ना – Aye Naazneen Suno Na, (अभिजीत)
“Aye Naazneen Suno Na ” एक ऐसा गीत है जिसने अपने सुंदर बोल और मधुर धुन से लाखों दिलों को छू लिया है। इस लेख में हम इस गीत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे, जिसमें गीत की उत्पत्ति, इसके बोल, संगीत संरचना, और इसके प्रभाव आदि शामिल हैं। इस गीत के बोल मशहूर गीतकार महबूब द्वारा लिखे गए हैं, और इसका संगीत प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर.रहमान ने तैयार किया है। ये दोनों कलाकार संगीत की दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना चुके हैं। यह गीत एक प्रसिद्ध एल्बम दिल ही दिल में का हिस्सा है, जो 2000 में जारी किया गया था। इस एल्बम ने संगीत प्रेमियों के बीच विशेष स्थान प्राप्त किया है।

ऐ नाज़नीं सुनो ना – Aye Naazneen Suno Na, Song Details
- Movie/Album: दिल ही दिल में
- Year : 2000
- Music By: ए.आर.रहमान
- Lyrics By: महबूब
- Performed By: अभिजीत
ऐ नाज़नीं सुनो ना – Aye Naazneen Suno Na, Lyrics Hindi
ऐ नाज़नीं सुनो ना
हमें तुमपे हक़ तो दो ना
चाहे तो जान लो न
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे खुद ही सिल गए
ऐ नाज़नीं सुनो ना…
लगता है के तुमको, रब ने बनाया जिस दम
अपनी कुदरतों को उसने, तुम में कर दिया था गुम
इस जहां को हुस्न बांटना भी कर दिया था कम
तीखे-तीखे नैन नक्श तेरे, कलियों से कोमल होंठ तेरे
फूलों से नाज़ुक पाँव तेरे, दोनों जहां कुर्बान तेरे
तराशा प्यार से जिसे, रब ने वो मूरत हो तुम
संगतराशों की जैसे देवी तुम
तुम-सा जहां में कोई ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना…
पर्दा ख्यालों का है, सचमुच ज़रा सामने आ
चाँद को मैं तकता हूँ, पर तेरी शक्ल आँखों में
जी जलाये चांदनी भी, ठंडी-ठंडी रातों में
नाता नींदों से टूट गया, तेरे लिए ऐ मेरे हसीं
दिल को यकीं ये भी है मगर, आएगा ऐसा दिन भी कभी
जब मुलाकातें भी होंगी, मीठी-सी बातें भी होंगी
प्यार भरी रातें भी होंगी देखना
आने की ख़बर दो ना
ऐ नाज़नीं सुनो ना…
